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एसपीओ की गोली मारकर हत्या करने के दोषी को उम्रकैद की सजा
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जींद। रुपगढ़ गांव में चार साल पहले एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) जसबीर की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराधा साहनी की अदालत ने रुपगढ निवासी बिजेंद्र को दोषी करार देते हुए सोमवार को उम्रकैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी को जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
22 नवंबर 2017 को सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में रुपगढ़ निवासी वीरेंद्र ने बताया था कि उसका चचेरा भाई जसबीर एसपीओ के पद पर नियुक्त था। जसबीर ने वर्ष 2016 में गांव के बिजेंद्र के साथ मिलकर गांव छात्तर सर्कल के देसी शराब के ठेके लिए थे। बिजेंद्र को हिसार जेल से उम्रकैद की सजा होने के चलते उनके नाम पर शराब के ठेके नहीं मिल सकते थे। इसलिए शराब के ठेके जसबीर के नाम पर लिए गए और ठेके की गारंटी के तौर पर बिजेंद्र के भाई लीला की जमीन को रखा गया। जब ठेके का समय पूरा हुआ तो बिजेंद्र की तरफ 25 से 30 लाख रुपये की लेनदारी हो गई। बिजेंद्र ने यह पैसे देने से मना कर दिया। इसके चलते दोनों के बीच में कहासुनी हो गई थी। 22 नवंबर 2017 को जब जसबीर सीआईए में ड्यूटी से घर लौट रहा था तो आरोपी बिजेंद्र ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बिजेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। चार माह के बाद पुलिस ने आरोपी बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराधा साहनी ने मामले की सुनवाई करते हुए बिजेंद्र को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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22 नवंबर 2017 को सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में रुपगढ़ निवासी वीरेंद्र ने बताया था कि उसका चचेरा भाई जसबीर एसपीओ के पद पर नियुक्त था। जसबीर ने वर्ष 2016 में गांव के बिजेंद्र के साथ मिलकर गांव छात्तर सर्कल के देसी शराब के ठेके लिए थे। बिजेंद्र को हिसार जेल से उम्रकैद की सजा होने के चलते उनके नाम पर शराब के ठेके नहीं मिल सकते थे। इसलिए शराब के ठेके जसबीर के नाम पर लिए गए और ठेके की गारंटी के तौर पर बिजेंद्र के भाई लीला की जमीन को रखा गया। जब ठेके का समय पूरा हुआ तो बिजेंद्र की तरफ 25 से 30 लाख रुपये की लेनदारी हो गई। बिजेंद्र ने यह पैसे देने से मना कर दिया। इसके चलते दोनों के बीच में कहासुनी हो गई थी। 22 नवंबर 2017 को जब जसबीर सीआईए में ड्यूटी से घर लौट रहा था तो आरोपी बिजेंद्र ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बिजेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। चार माह के बाद पुलिस ने आरोपी बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराधा साहनी ने मामले की सुनवाई करते हुए बिजेंद्र को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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