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Jind News: गांधी कैपिटल एक्सप्रेस में लगे एलएचबी कोच
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08जेएनडी10-जींद जंक्शन पर पहुंची गांधीनगर कैपिटल, जिसमें एलएचबी कोच लगाए गए हैं। संवाद
- फोटो : मेडिकल कॉलेज में जेट्रोफा का फल खाकर भर्ती शिवा
जींद। हिमाचल प्रदेश के दौलतपुर चौक से गुजरात की राजधानी गांधीनगर के बीच चलने वाली गांधी कैपिटल एक्सप्रेस में रेलवे ने एलएचबी (लिंक हॉफमन बुश) कोच लगा दिए हैं। इन अत्याधुनिक कोचों के शामिल होने से अब यात्रियों का सफर न केवल अधिक सुरक्षित होगा बल्कि पहले की तुलना में काफी आरामदायक भी हो जाएगा।
गांधीनगर कैपिटल एक्सप्रेस रविवार को एलएचबी कोच के साथ जींद जंक्शन पर पहुंची। एलएचबी कोच लगने से यात्रियों खुश नजर आए क्योंकि सीटें पुराने कोच से बेहतर थी। एलएचबी कोच आधुनिक तकनीक से बनाए गए हैं। इनमें एंटी-टेलिस्कोपिक फीचर होता है जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर चढ़ते नहीं हैं।
यही वजह है कि इन्हें अधिक सुरक्षित माना जाता है। इसके साथ ही इन कोचों में शोर कम होता है और झटके कम लगते हैं। एलएचबी कोच लगने से इस रूट पर ट्रेन की गति क्षमता भी बेहतर हुई है। दौलतपुर चौक से गांधीधाम और फिर वहां से गांधीनगर तक का सफर कई राज्यों और शहरों से गुजरता है।
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गांधीनगर कैपिटल ट्रेन 10:05 बजे रवाना होती है जो कलोल, महेसाना जंक्शन, उंझा, सिद्धपुर, पालनपुर, अबु रोड, अजमेर, किशनगढ़, फुलेरा, जयपुर, दौसा, अलवर, रेवाड़ी, रोहतक होते हुए 02:22 बजे जींद जंक्शन पर पहुंचती है। इसके बाद नरवाना होते हुए कुरुक्षेत्र, अंबाला, चंडीगढ़ के बाद दौलतपुर चौक पहुंचती है।
बॉक्स
एलएचबी में कंपन कम होगा महसूस
यात्री जसमेर, शुभम, प्रतिमा, सुलेखा, रोजी का कहना था कि पुराने कोच में भीड़ और झटकों के कारण लंबी दूरी की यात्रा थकान भरी हो जाती थी लेकिन नए कोच में सीटें अधिक आरामदायक होने के साथ चलने के दौरान कम कंपन महसूस होता है। इसके अलावा कोच की चौड़ाई, बड़े विंडो पैनल, बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम और उन्नत सस्पेंशन तकनीक के कारण सफर राहत भरा हो गया है।
वर्जन
गांधीनगर कैपिटल एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगाए गए हैं। इन कोच में यात्रियों का बेहतर सफर होगा। एलएचबी कोच से इस रूट पर ट्रेन की गति क्षमता भी बेहतर होगी जिससे गाड़ी समय पर पहुंचेगी।
-- जेएस कुंडू, अधीक्षक, रेलवे जंक्शन जींद
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गांधीनगर कैपिटल एक्सप्रेस रविवार को एलएचबी कोच के साथ जींद जंक्शन पर पहुंची। एलएचबी कोच लगने से यात्रियों खुश नजर आए क्योंकि सीटें पुराने कोच से बेहतर थी। एलएचबी कोच आधुनिक तकनीक से बनाए गए हैं। इनमें एंटी-टेलिस्कोपिक फीचर होता है जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर चढ़ते नहीं हैं।
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यही वजह है कि इन्हें अधिक सुरक्षित माना जाता है। इसके साथ ही इन कोचों में शोर कम होता है और झटके कम लगते हैं। एलएचबी कोच लगने से इस रूट पर ट्रेन की गति क्षमता भी बेहतर हुई है। दौलतपुर चौक से गांधीधाम और फिर वहां से गांधीनगर तक का सफर कई राज्यों और शहरों से गुजरता है।
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गांधीनगर कैपिटल ट्रेन 10:05 बजे रवाना होती है जो कलोल, महेसाना जंक्शन, उंझा, सिद्धपुर, पालनपुर, अबु रोड, अजमेर, किशनगढ़, फुलेरा, जयपुर, दौसा, अलवर, रेवाड़ी, रोहतक होते हुए 02:22 बजे जींद जंक्शन पर पहुंचती है। इसके बाद नरवाना होते हुए कुरुक्षेत्र, अंबाला, चंडीगढ़ के बाद दौलतपुर चौक पहुंचती है।
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एलएचबी में कंपन कम होगा महसूस
यात्री जसमेर, शुभम, प्रतिमा, सुलेखा, रोजी का कहना था कि पुराने कोच में भीड़ और झटकों के कारण लंबी दूरी की यात्रा थकान भरी हो जाती थी लेकिन नए कोच में सीटें अधिक आरामदायक होने के साथ चलने के दौरान कम कंपन महसूस होता है। इसके अलावा कोच की चौड़ाई, बड़े विंडो पैनल, बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम और उन्नत सस्पेंशन तकनीक के कारण सफर राहत भरा हो गया है।
वर्जन
गांधीनगर कैपिटल एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगाए गए हैं। इन कोच में यात्रियों का बेहतर सफर होगा। एलएचबी कोच से इस रूट पर ट्रेन की गति क्षमता भी बेहतर होगी जिससे गाड़ी समय पर पहुंचेगी।