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Jind News: नेताओं के पास मुद्दे कम, राजनीति का स्तर गिरा
Mon, 16 Sep 2024 01:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 16 Sep 2024 01:48 AM IST
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15जेएनडी08 : गांव जलालपुर कलां में हुक्के की गड़गड़ाहट पर बातचीत करते बुजुर्ग व युवा। संवाद
जींद। आजकल जहां भी दो या दो से अधिक लोग बैठते हैं, वहीं चुनाव पर चर्चा शुरू हो जाती है। कोई किसी प्रत्याशी को आगे बताता है, तो कोई किसी को। हर किसी का झुकाव किसी न किसी नेता की तरफ है।
गांव जलालपुर कलां के लोगों का कहना है कि अब पहले जैसी राजनीति नहीं रही। अब राजनीति में कोई दूध का धुला नहीं रह गया है। हर नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आते हैं। नेता आजकल मुद्दों की बात कम करते हैं, लेकिन दूसरे नेता को कोसते दिखाई देते हैं। आज राजनीति का स्तर बहुत नीचे गिर रहा है। अब नेताओं के भाषण में अभद्रता ज्यादा सुनाई देती है।
गांव जलालपुर कलां निवासी 85 वर्षीय बलमत, 80 वर्षीय सुलतान व 65 वर्षीय रामेश्वर ने कहा कि पहले नेता बहुत कम वादे करते थे। जो भी वादे करते थे उनको पूरा करने की कोशिश करते थे। यदि कोई वादा पूरा नहीं होता था, तो अगले चुनाव में हाथ जोड़कर माफी भी मांगते थे कि यह काम मेरे से पूरा नहीं हो पाया। दूसरे नेताओं पर छींटाकशी बहुत मजबूरी में ही करते थे। आजकल चुनाव में केवल एक-दूसरे को नीचा दिखाने की ही बात करते हैं। यदि किसी नेता से कोई काम नहीं होता, तो एक नेता दूसरे पर आरोप लगाकर कहते हैं कि उसने इसमें अड़ंगा लगा दिया नहीं तो यह काम हो जाता। बलमत ने कहा कि अब तो राजनीति एक व्यवसाय हो गई है। पैसे भी नेता पानी की तरह बहाते हैं। चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड व भेद सभी हथकंडों का इस्तेमाल करते हैं। पहले के नेता जब भी वोट मांगने आते थे, तो एक-दो ही गाड़ियां उनके साथ होती थीं। चुनाव में केवल झंडे व चुनाव चिह्न लगे पर्चे बांटने पर खर्चा होता था।
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झूठे व लुभावने वादे ज्यादा, रोजगार नहीं
45 वर्षीय वीरेंद्र सिंह, 40 वर्षीय बबलू, 35 वर्षीय अशोक कुमार व 30 वर्षीय सुनील ने कहा कि अब तो वोट मांगने के लिए नेताओं से कितने भी झूठे वादे करवा लो, तैयार हैं, केवल उनको वोट चाहिए। चुनाव जीतने के बाद एक भी बात पूरी नहीं करते। रोजगार देने की, तो कोई बात ही नहीं कर रहा है। जींद में आज तक किसी भी नेता ने उद्योग लगाने की बात नहीं कही है। जमीन बेचकर युवा विदेश जाने के लिए मजबूर हैं। यदि यहीं रोजगार मिल जाए, तो युवाओं को जमीन बेचने की जरूरत ही न पड़े।
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गांव जलालपुर कलां के लोगों का कहना है कि अब पहले जैसी राजनीति नहीं रही। अब राजनीति में कोई दूध का धुला नहीं रह गया है। हर नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आते हैं। नेता आजकल मुद्दों की बात कम करते हैं, लेकिन दूसरे नेता को कोसते दिखाई देते हैं। आज राजनीति का स्तर बहुत नीचे गिर रहा है। अब नेताओं के भाषण में अभद्रता ज्यादा सुनाई देती है।
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गांव जलालपुर कलां निवासी 85 वर्षीय बलमत, 80 वर्षीय सुलतान व 65 वर्षीय रामेश्वर ने कहा कि पहले नेता बहुत कम वादे करते थे। जो भी वादे करते थे उनको पूरा करने की कोशिश करते थे। यदि कोई वादा पूरा नहीं होता था, तो अगले चुनाव में हाथ जोड़कर माफी भी मांगते थे कि यह काम मेरे से पूरा नहीं हो पाया। दूसरे नेताओं पर छींटाकशी बहुत मजबूरी में ही करते थे। आजकल चुनाव में केवल एक-दूसरे को नीचा दिखाने की ही बात करते हैं। यदि किसी नेता से कोई काम नहीं होता, तो एक नेता दूसरे पर आरोप लगाकर कहते हैं कि उसने इसमें अड़ंगा लगा दिया नहीं तो यह काम हो जाता। बलमत ने कहा कि अब तो राजनीति एक व्यवसाय हो गई है। पैसे भी नेता पानी की तरह बहाते हैं। चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड व भेद सभी हथकंडों का इस्तेमाल करते हैं। पहले के नेता जब भी वोट मांगने आते थे, तो एक-दो ही गाड़ियां उनके साथ होती थीं। चुनाव में केवल झंडे व चुनाव चिह्न लगे पर्चे बांटने पर खर्चा होता था।
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झूठे व लुभावने वादे ज्यादा, रोजगार नहीं
45 वर्षीय वीरेंद्र सिंह, 40 वर्षीय बबलू, 35 वर्षीय अशोक कुमार व 30 वर्षीय सुनील ने कहा कि अब तो वोट मांगने के लिए नेताओं से कितने भी झूठे वादे करवा लो, तैयार हैं, केवल उनको वोट चाहिए। चुनाव जीतने के बाद एक भी बात पूरी नहीं करते। रोजगार देने की, तो कोई बात ही नहीं कर रहा है। जींद में आज तक किसी भी नेता ने उद्योग लगाने की बात नहीं कही है। जमीन बेचकर युवा विदेश जाने के लिए मजबूर हैं। यदि यहीं रोजगार मिल जाए, तो युवाओं को जमीन बेचने की जरूरत ही न पड़े।

15जेएनडी08 : गांव जलालपुर कलां में हुक्के की गड़गड़ाहट पर बातचीत करते बुजुर्ग व युवा। संवाद