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Jind News: बथुए की खेती से लाखों का मुनाफा, मिनटों में बिक रहा हरा सोना

Thu, 06 Nov 2025 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 06 Nov 2025 01:17 AM IST
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Lakhs of rupees worth of profit from Bathua cultivation, green gold being sold in minutes
05जेएनडी33-कमाच खेड़ा गांव में बथुआ उखाड़ते हुए महिलाएं। संवाद
जुलाना। बथुआ एक ऐसी फसल है जो न केवल लोगों की सेहत सुधारने में कारगर है बल्कि इससे किसानों आर्थिक स्थिति में भी बहुत सुधार हो सकता है। ऐसे ही कमाच खेड़ा गांव के किसानों भी बथुए की खेती से लाखों रुपये की आमदनी कमा रहे हैं। यह किसान आए साल लगभग 400 एकड़ में बथुए की खेती करते हैं।
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किसान प्रदीप, सुनील और राकेश का कहना है कि पहले वह गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करते थे जिसमें मेहनत अधिक और मुनाफा कम होता था। अब उन्होंने बथुए की खेती का प्रयोग किया तो यह बेहद सफल साबित हुई। बथुए की बाजार में लगातार मांग रहती है।
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कमाच खेड़ा गांव से रोजाना 30 क्विंटल बथुआ दिल्ली, गाजियाबाद पानीपत, सोनीपत, रोहतक मंडियों में जाता है जहां पर इसकी अच्छी कीमत मिल रही है। बथुए की फसल कम लागत में तैयार हो जाती है और एक एकड़ में करीब डेढ़ से दो लाख रुपये तक का मुनाफा हो जाता है। खेत में सही सिंचाई और समय पर कटाई से बथुआ तीन बार तोड़ा जा सकता है जिससे उत्पादन भी ज्यादा मिलता है।
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बिना दवाई होती है खेती
एक एकड़ में दस हजार रुपये का बीज लगता है। इस खेती में कोई भी दवा या कीटनाशक नहीं लगता। केवल पानी से ही इसकी पैदावार बढ़ जाती है। बीज गांव में ही मिल जाता है। एक एकड़ जमीन में एक क्विंटल बीज प्रयोग किया जाता है।
100 से 120 रुपये प्रति किग्रा बिक रहा बथुआ
बथुए की खेती के बाद गेहूं की पैदावार भी अच्छी होती है। अब किसानों से प्रेरणा लेकर आसपास के देवरड़, मालवी, फरमाना गांव के किसान भी बथुए की खेती करने लगे हैं और मोटी आमदनी कर रहे हैं। बथुए को खेतों से काटने के लिए मजदूरों को भी गांव में काम मिल जाता है। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में उनका बथुआ 100 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से मिनटों में बिक जाता है।

बॉक्स
कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी डॉ. सुरजमल का कहना है कि कमाच खेड़ा गांव के किसानों ने बथुए की खेती से नया उदाहरण पेश किया है। यह फसल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी लाभदायक है। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. हर्षिता अहलावत ने बताया कि बथुए में कैल्शियम और आयरन काफी मात्रा में होता है। इसके अलावा, विटामिन सी और डी भी काफी मात्रा में होते हैं। मिनरल होते हैं जिससे आंतों की सफाई होती है।
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