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Jind: किसान महापंचायत में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत, कहा-देश में भाजपा नहीं कंपनी की सरकार
Thu, 26 Jan 2023 04:11 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 26 Jan 2023 04:11 PM IST
सार
राकेश टिकैत ने कहा कि यह हमारी वैचारिक लड़ाई है। लोग जागरूक हो रहे हैं आज किसान जाग रहा है। इस वैचारिक क्रांति से ही हम अपनी मांगों को पूरा करवाएंगे। गन्ने के रेट दस रुपये बढ़ाने पर उन्होंने कहा कि यह बहुत कम है। सरकार ने बीस रुपये भाड़े के रूप में काट लिए हैं, इससे गन्ने का रेट और कम हो जाएगा।
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जींद में किसान महापंचायत में जुटे लोग।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जींद की नई अनाज मंडी में गुरुवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया। महापंचायत में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रेस प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देश में भाजपा नहीं, कंपनी की सरकार चल रही है। इस सरकार में जो ज्यादा दाम लगाता है, उसी की चलती है।
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टिकैत ने कहा कि भाजपा पशुओं को भूखा मारने का षड्यंत्र रच रही है। सरकार की तरफ से अभी एक दवाई लाई गई है, जो घास व पौधों पर छिड़की जाएगी। इस दवाई के कारण आवारा पशु पौधों को नहीं खाएंगे लेकिन यही घास जब गांव में जाएगी तो गांव के पशु भी इस घास को नहीं खाएंगे। इस कारण पशु भूखे मर जाएंगे। भाजपा देश के किसान के पशुओं को भूखा मारने पर तुली हुई है।
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राकेश टिकैत ने कहा कि यह हमारी वैचारिक लड़ाई है। लोग जागरूक हो रहे हैं आज किसान जाग रहा है। इस वैचारिक क्रांति से ही हम अपनी मांगों को पूरा करवाएंगे। गन्ने के रेट दस रुपये बढ़ाने पर उन्होंने कहा कि यह बहुत कम है। सरकार ने बीस रुपये भाड़े के रूप में काट लिए हैं, इससे गन्ने का रेट और कम हो जाएगा। हरियाणा में गन्ने का रेट पहले सबसे अधिक होता था लेकिन भाजपा सरकार अब हरियाणा के किसान को भी आर्थिक रूप से पीछे धकेल रही है। हम आंदोलन लड़ रहे हैं गन्ने का रेट 500 रुपये प्रति क्विंटल हो तो किसान का कुछ भला हो सकता है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश का किसान कोई अलग नहीं है। पूरे देश का किसान एक है। हमारी सबकी मांगें समान हैं। एमएसपी हमारी सबसे प्रमुख मांग है।