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केस रद्द नहीं होने पर आंदोलन करेगी कंडेला खाप
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जींद। सर्वजातीय कंडेला खाप की बैठक मंगलवार को खाप के चबूतरे पर प्रधान धर्मपाल कंडेला की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान किसानों की समस्याओं के साथ-साथ खाप के सभी 28 गांवों की समस्याओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान प्रधान धर्मपाल कंडेला ने कहा कि बिजली निगम के अधिकारी की शिकायत पर खाप के गांव कैरखेड़ी के लोगों पर केस दर्ज किए गए हैं। यदि यह केस रद्द नहीं हुए तो खाप आंदोलन करेगी।
धर्मपाल कंडेला ने कहा कि फरवरी महीने में बिजली निगम द्वारा कैरखेड़ी गांव में बिजली के मीटर घरों से बाहर निकाले जा रहे थे। ग्रामीणों ने अपनी आशंकाएं जताते हुए लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध किया। इस पर निगम के अधिकारियों ने गांव के 60-70 लोगों के खिलाफ शिकायत पुलिस को दिलवाई। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि यदि ये मुकदमे वापस नहीं हुए तो सभी 28 गांवों के लोग धरना देकर रोष जताएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। बस उन्हें परेशान कर रहा है। कंडेला के अनुसार गर्मी बढ़ने से तालाबों मे पशुओं के लिए पानी की किल्लत बनी हुई है। ऐसे में जल्द ही नहरों में पानी छोड़ा जाना चाहिए। फसलों की बिजाई के लिए भी खेतों की सिंचाई के लिए बिजली की सप्लाई को रोजाना 8 से 12 घंटे किया जाए। इस अवसर पर दयानंद नंबरदार, बीरा दालमवाला, जयपाल शाहपुर, राजेंद्र कैरखेड़ी, रामदिया नंबरदार खोखरी, राममेश्वर, मास्टर कर्मबीर लोहचब मौजूद रहे।
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धर्मपाल कंडेला ने कहा कि फरवरी महीने में बिजली निगम द्वारा कैरखेड़ी गांव में बिजली के मीटर घरों से बाहर निकाले जा रहे थे। ग्रामीणों ने अपनी आशंकाएं जताते हुए लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध किया। इस पर निगम के अधिकारियों ने गांव के 60-70 लोगों के खिलाफ शिकायत पुलिस को दिलवाई। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि यदि ये मुकदमे वापस नहीं हुए तो सभी 28 गांवों के लोग धरना देकर रोष जताएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। बस उन्हें परेशान कर रहा है। कंडेला के अनुसार गर्मी बढ़ने से तालाबों मे पशुओं के लिए पानी की किल्लत बनी हुई है। ऐसे में जल्द ही नहरों में पानी छोड़ा जाना चाहिए। फसलों की बिजाई के लिए भी खेतों की सिंचाई के लिए बिजली की सप्लाई को रोजाना 8 से 12 घंटे किया जाए। इस अवसर पर दयानंद नंबरदार, बीरा दालमवाला, जयपाल शाहपुर, राजेंद्र कैरखेड़ी, रामदिया नंबरदार खोखरी, राममेश्वर, मास्टर कर्मबीर लोहचब मौजूद रहे।
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