{"_id":"687004bd9b9a408d9408aa7c","slug":"kahsoon-will-become-haryanas-first-integrated-water-management-model-devendra-atri-jind-news-c-199-1-jnd1002-137611-2025-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहसून हरियाणा का पहला एकीकृत जल प्रबंधन मॉडल बनेगा : देवेंद्र अत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहसून हरियाणा का पहला एकीकृत जल प्रबंधन मॉडल बनेगा : देवेंद्र अत्री
Thu, 10 Jul 2025 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 10 Jul 2025 11:51 PM IST
विज्ञापन
10जेएनडी19-कहसून गांव में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे विधायक देवेंद्र अत्री और साथ में मौजूद ग्
उचाना। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आधुनिक कमांड एरिया विकास कार्यक्रम (एमसीएडी) योजना को लेकर महत्वपूर्ण जन संवाद और जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सिंचाई विभाग (एमआईसीएडी) के कार्यकारी अभियंता एक्सईएन डॉॅ. धर्मपाल मुवाल ने किसानों के साथ इस अग्रणी परियोजना की विस्तृत रूपरेखा सांझा की और इसे लागू करने के लिए उनकी सहमति प्राप्त की। भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री भी मुख्य रूप से पहुंचे।
विधायक ने कहा कि कहसून गांव एमसीएडी योजना के तहत हरियाणा का पहला एकीकृत जल प्रबंधन मॉडल बनेगा। कहसून गांव को एक ऐसे पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है जो पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बनेगा। यह प्रोजेक्ट एकीकृत जल प्रबंधन के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका लक्ष्य पानी के हर स्रोत का सही उपयोग कर किसानों को 24 घंटे सुनिश्चित सिंचाई उपलब्ध कराना है। सभी की सहमति मिलने के बाद इस विस्तृत प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। कहसून सहित आस-पास के जो गांव है, उनकी करीब 2482 एकड़ जमीन को इसका लाभ मिलेगा। डॉ. धर्मपाल मुवाल ने कहा कि कहसून गांव में सिंचाई के लिए एक दोहरी और विश्वसनीय जल प्रणाली स्थापित की जाएगी।
विज्ञापन
विधायक ने कहा कि कहसून गांव एमसीएडी योजना के तहत हरियाणा का पहला एकीकृत जल प्रबंधन मॉडल बनेगा। कहसून गांव को एक ऐसे पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है जो पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बनेगा। यह प्रोजेक्ट एकीकृत जल प्रबंधन के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका लक्ष्य पानी के हर स्रोत का सही उपयोग कर किसानों को 24 घंटे सुनिश्चित सिंचाई उपलब्ध कराना है। सभी की सहमति मिलने के बाद इस विस्तृत प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। कहसून सहित आस-पास के जो गांव है, उनकी करीब 2482 एकड़ जमीन को इसका लाभ मिलेगा। डॉ. धर्मपाल मुवाल ने कहा कि कहसून गांव में सिंचाई के लिए एक दोहरी और विश्वसनीय जल प्रणाली स्थापित की जाएगी।
विज्ञापन