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सीआरएसयू से हटेगी बीएड कॉलेजों की संबद्धता
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Thu, 23 Mar 2017 11:57 PM IST
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कुलपति मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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करीब एक साल पहले प्रदेश भर के 524 बीएड कॉलेज चौधरी रणबीर सिंह विवि के अधीन देने के फैसले को पलटते हुए सरकार ने सीआरएसयू को सिर्फ जींद जिला के कॉलेजों से ही जोड़ने का फैसला लिया है। हालांकि इस फैसले को औपचारिक तौर पर लागू होने में समय लगेगा, लेकिन इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बुधवार को चंडीगढ़ में प्रदेश भर के कई विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ हुई मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की बैठक में इस पर फैसला हो चुका है। सरकार के इस फैसले से जहां प्रदेश भर के बीएड कॉलेज राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं सीआरएसयू की आमदनी पर भी कैंची चलनी तय है।
इस साल सीआरएसयू ने कुल 491 कॉलेजों में दाखिले किए हैं, जबकि दो दर्जन से अधिक कॉलेजों को अनियमितताओं के चलते बंद कर दिया गया। 491 बीएड कॉलेजों में कुल 40 हजार विद्यार्थियों का दाखिला हुआ है। सीआरएसयू प्रति विद्यार्थी चार हजार रुपये डेवलेपमेंट फीस ले रहा है। इससे विवि को सीधे तौर पर 16 करोड़ रुपये की आय हो रही है। इसके अलावा सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों से भी विवि को मोटी आमदनी हो रही है। कुल मिलाकर बीएड कॉलेजों से विवि को प्रति वर्ष करोड़ों रुपये की आमदनी हो रही है। यदि बीएड कॉलेजों की संख्या कम होती है, तो इसका सीधा असर विवि की आमदनी पर पड़ेगा।
आधा दर्जन और नए विवि खोलने की तैयारी
विवि के शीर्ष सूत्रों के अनुसार शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग में फार्मूला दिया कि जिस भी जिले में विवि है, वहां के सभी कॉलेजों को उससे जोड़ा जाए। इसी फार्मूले पर काम शुरू हुआ है। प्रदेश में करीब आधा दर्जन और नए विवि खोलने की तैयारी सरकार कर रही है। ऐसे में हर जिले में विवि होगा, वहां के कॉलेज उसी के अधीन रहेंगे।
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नई व्यवस्थाओं में लगेगा समय
हालांकि पूरी योजना तैयार हो चुकी है, लेकिन यह व्यवस्था शुरू होने में समय लगेगा। फिलहाल प्रदेश भर के बीएड कॉलेजों के एडमिशन सीआरएसयू के माध्यम से ही हुए हैं और इस सत्र में यही व्यवस्था चलेगी। अगले सत्र से नई व्यवस्थाओं पर काम शुरू होगा। इसके लिए सीआरएसयू जैसी नई यूनिवर्सिटी को स्वयं को तैयार भी करना है।
यह होगा सीआरएसयू का नया क्षेत्र
फिलहाल जिले में 26 बीएड कॉलेज, 16 डिग्री कॉलेज और तीन इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। जब भी शिक्षा मंत्री का यह फार्मूला लागू होगा। यह शिक्षण संस्थान सीआरएसयू के अधीन हा जाएंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह दो दिन बार दनौदा में भी एक कॉलेज का शिलान्यास करने वाले हैं।
विद्यार्थियों को होगा फायदा
जिले भर के सभी कॉलेज सीआरएसयू के अधीन आने से विद्यार्थियों को सबसे अधिक लाभ होगा। फिलहाल जिले अनुसार कॉलेजों का विभाजन रोहतक के एमडीयू, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और सिरसा की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी से कॉलेज जोड़े गए हैं।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में काफी विषयों पर चर्चा हुई है। मैं मीटिंग के विषयों को सार्वजनिक नहीं कर सकता। मीटिंग में प्रदेश भर के सभी विश्वविद्यालयों के लिए बेहतर उपाय सोचा गया है। -मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह, कुलपति, सीआरएसयू।
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इस साल सीआरएसयू ने कुल 491 कॉलेजों में दाखिले किए हैं, जबकि दो दर्जन से अधिक कॉलेजों को अनियमितताओं के चलते बंद कर दिया गया। 491 बीएड कॉलेजों में कुल 40 हजार विद्यार्थियों का दाखिला हुआ है। सीआरएसयू प्रति विद्यार्थी चार हजार रुपये डेवलेपमेंट फीस ले रहा है। इससे विवि को सीधे तौर पर 16 करोड़ रुपये की आय हो रही है। इसके अलावा सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों से भी विवि को मोटी आमदनी हो रही है। कुल मिलाकर बीएड कॉलेजों से विवि को प्रति वर्ष करोड़ों रुपये की आमदनी हो रही है। यदि बीएड कॉलेजों की संख्या कम होती है, तो इसका सीधा असर विवि की आमदनी पर पड़ेगा।
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आधा दर्जन और नए विवि खोलने की तैयारी
विवि के शीर्ष सूत्रों के अनुसार शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग में फार्मूला दिया कि जिस भी जिले में विवि है, वहां के सभी कॉलेजों को उससे जोड़ा जाए। इसी फार्मूले पर काम शुरू हुआ है। प्रदेश में करीब आधा दर्जन और नए विवि खोलने की तैयारी सरकार कर रही है। ऐसे में हर जिले में विवि होगा, वहां के कॉलेज उसी के अधीन रहेंगे।
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नई व्यवस्थाओं में लगेगा समय
हालांकि पूरी योजना तैयार हो चुकी है, लेकिन यह व्यवस्था शुरू होने में समय लगेगा। फिलहाल प्रदेश भर के बीएड कॉलेजों के एडमिशन सीआरएसयू के माध्यम से ही हुए हैं और इस सत्र में यही व्यवस्था चलेगी। अगले सत्र से नई व्यवस्थाओं पर काम शुरू होगा। इसके लिए सीआरएसयू जैसी नई यूनिवर्सिटी को स्वयं को तैयार भी करना है।
यह होगा सीआरएसयू का नया क्षेत्र
फिलहाल जिले में 26 बीएड कॉलेज, 16 डिग्री कॉलेज और तीन इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। जब भी शिक्षा मंत्री का यह फार्मूला लागू होगा। यह शिक्षण संस्थान सीआरएसयू के अधीन हा जाएंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह दो दिन बार दनौदा में भी एक कॉलेज का शिलान्यास करने वाले हैं।
विद्यार्थियों को होगा फायदा
जिले भर के सभी कॉलेज सीआरएसयू के अधीन आने से विद्यार्थियों को सबसे अधिक लाभ होगा। फिलहाल जिले अनुसार कॉलेजों का विभाजन रोहतक के एमडीयू, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और सिरसा की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी से कॉलेज जोड़े गए हैं।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में काफी विषयों पर चर्चा हुई है। मैं मीटिंग के विषयों को सार्वजनिक नहीं कर सकता। मीटिंग में प्रदेश भर के सभी विश्वविद्यालयों के लिए बेहतर उपाय सोचा गया है। -मेजर जनरल डॉ. रणजीत सिंह, कुलपति, सीआरएसयू।