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Jind News: जो जीतने के काबिल होगा, उसे मिलेगा टिकट
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जींद। पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पार्टी उसी को टिकट देगी जो जीतने के काबिल होगा। हरियाणा के मौजूदा माहौल के लिहाज से भाजपा सरकार पूरी तरह से शून्य पर खड़ी है। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में किसान की सरसों से लेकर सब्जी तक, कर्मचारी से लेकर सरपंच हर कोई पिट रहा है, लेकिन अब लाठी की चोट का बदला वोट की चोट से लेने का समय आ चुका है।
वह शनिवार को विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों से कोई वर्ग खुश नहीं है।
आज मध्य प्रदेश के किसानों का टमाटर, महाराष्ट्र के किसानों की प्याज और हरियाणा के किसानों का आलू व सरसों सब पिट रहे हैं। किसान, जवान और कर्मचारी से लेकर पंच-सरपंच तक हर कोई सरकार की लाठियों का शिकार हो चुका है लेकिन अब जनता की बारी है। सरकार द्वारा दी गई लाठियों की चोट का जवाब जनता वोट की चोट से देगी। हुड्डा ने बीजेपी-जेजेपी सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर पंचायतों को उनके अधिकार दिए जाएंगे, कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू होगी।
किसान को एमएसपी, गरीब परिवारों को 100-100 गज के मुफ्त प्लॉट व 2 कमरे का मकान, गरीब को पीले कार्ड, 500 रुपये में रसोई गैस सिलिंडर, खाली पड़े दो लाख सरकारी पदों पर पक्की भर्ती शुरू होगी, बड़े बुजुर्गों को देश में सबसे ज्यादा 6000 रुपये महीने की पेंशन, हर परिवार को 300 यूनिट फ्री बिजली, खिलाडिय़ों के लिए पदक लाओ पद पाओ नीति दोबारा से शुरू की जाएगी।
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नेता प्रतिपक्ष ने किसानों की स्थिति पर बोलते हुए कहा कि बीजेपी ने 2022 तक उनकी आय डबल करने का वादा किया था। लेकिन किसानों की आमदनी डबल तो दूर, इस सरकार ने खाद, बीज, दवाई, खेती उपकरणों पर भारी भरकम टैक्स लगाकर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी करके खेती की लागत को कई गुना बढ़ा दिया।
आज सरकार किसानों को एमएसपी तक नहीं दे रही। पिछले दिनों उन्होंने लाडवा की मंडी का दौरा किया तो किसानों ने उन्हें बताया कि उनका आलू आज 50 पैसे प्रति किलो के रेट पर पीट रहा है। जबकि, उसे उगाने की लागत 5-6 प्रति किलो है। इसी तरह आज सरसों किसानों को भी एमएसपी नहीं मिल पा रही है। हुड्डा ने पिछड़ा वर्ग का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी-जेजेपी ने इस वर्ग का आरक्षण छीन लिया। क्रीमी लेयर में आय की सीमा को आठ से घटाकर छह लाख करके सरकार ने बड़ी मात्रा में ओबीसी समुदाय को आरक्षण की श्रेणी से बाहर किया है।
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वह शनिवार को विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों से कोई वर्ग खुश नहीं है।
आज मध्य प्रदेश के किसानों का टमाटर, महाराष्ट्र के किसानों की प्याज और हरियाणा के किसानों का आलू व सरसों सब पिट रहे हैं। किसान, जवान और कर्मचारी से लेकर पंच-सरपंच तक हर कोई सरकार की लाठियों का शिकार हो चुका है लेकिन अब जनता की बारी है। सरकार द्वारा दी गई लाठियों की चोट का जवाब जनता वोट की चोट से देगी। हुड्डा ने बीजेपी-जेजेपी सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर पंचायतों को उनके अधिकार दिए जाएंगे, कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू होगी।
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किसान को एमएसपी, गरीब परिवारों को 100-100 गज के मुफ्त प्लॉट व 2 कमरे का मकान, गरीब को पीले कार्ड, 500 रुपये में रसोई गैस सिलिंडर, खाली पड़े दो लाख सरकारी पदों पर पक्की भर्ती शुरू होगी, बड़े बुजुर्गों को देश में सबसे ज्यादा 6000 रुपये महीने की पेंशन, हर परिवार को 300 यूनिट फ्री बिजली, खिलाडिय़ों के लिए पदक लाओ पद पाओ नीति दोबारा से शुरू की जाएगी।
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नेता प्रतिपक्ष ने किसानों की स्थिति पर बोलते हुए कहा कि बीजेपी ने 2022 तक उनकी आय डबल करने का वादा किया था। लेकिन किसानों की आमदनी डबल तो दूर, इस सरकार ने खाद, बीज, दवाई, खेती उपकरणों पर भारी भरकम टैक्स लगाकर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी करके खेती की लागत को कई गुना बढ़ा दिया।
आज सरकार किसानों को एमएसपी तक नहीं दे रही। पिछले दिनों उन्होंने लाडवा की मंडी का दौरा किया तो किसानों ने उन्हें बताया कि उनका आलू आज 50 पैसे प्रति किलो के रेट पर पीट रहा है। जबकि, उसे उगाने की लागत 5-6 प्रति किलो है। इसी तरह आज सरसों किसानों को भी एमएसपी नहीं मिल पा रही है। हुड्डा ने पिछड़ा वर्ग का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी-जेजेपी ने इस वर्ग का आरक्षण छीन लिया। क्रीमी लेयर में आय की सीमा को आठ से घटाकर छह लाख करके सरकार ने बड़ी मात्रा में ओबीसी समुदाय को आरक्षण की श्रेणी से बाहर किया है।