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चंद मिनटों में घर में रखा सामान बन गया राख
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
Updated Sun, 03 Apr 2016 12:09 AM IST
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जली बाइक।
- फोटो : bureau
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हनुमान नगर में शुक्रवार रात को संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग के कारण आटो चालक के घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते घर का सारा सामान मकान मालिक की आंखों के सामने राख में तब्दील हो गया। कयास लगाए गए हैं कि आग बिजली के शार्ट सर्किट होने से लगी है। इस घटना के बाद परिवार के सभी सदस्य सदमे में हैं।
जानकारी के अनुसार आटो चालक राजेंद्र कुमार की पत्नी दवाई लेने के लिए बाहर गई हुई थी। उसकी दो बेटियों उसके साथ थी। तीनों रात को खाना खाकर सो गए। बेटियों को आंच आई तो उन्होंने शोर मचाया और घर के अंदर सो रहे परिवार के सदस्य बाहर निकले। आग लगने की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही एएसपी वसीम अकरम व थाना प्रभारी राविस कुमार मौके पर पहुंचे और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया।
फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग को काबू किया लेकिन तब तक घर का सारा सामान स्वाहा हो चुका था। मकान मालिक राजेंद्र व उसकी दोनों बेटी पांच वर्षीय पायल व दो वर्षीय पलक आग की चपेट में आ गई गनीमत रही इनकी जान बच गई। मकान मालिक राजेंद्र कुमार ने बताया कि हर रोज की भांति शुक्रवार रात दोनों बेटियों के सो जाने के बाद वह भी सो गया।
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अचानक घर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयकर रूप धारण कर लिया। आग के कारण बाइक, वाशिंग मशीन, साइकिल, फ्रिज, अलमारी, तीन पेटी, दो फराटे, छत पंखा, एक दीवान बेड, दो मेज, दो कुर्सी, गेहूं की टंकी, तीन चारपाई, सिलाई मशीन, एक टीवी, प्रेस, रसोई के बर्तन, 3700 रुपये की नकदी सहित सारा कीमती सामान जल कर राख हो गया। आग के कारण मकान की छत भी जल गई।
बाल-बाल बची बेटियां
राजेंद्र कुमार अपने परिवार के साथ हनुमान नगर में पिछले कई सालों से रह रहा है। राजेंद्र कुमार की पत्नी दवा लेने के बाहर गई थी। रात को घर में राजेंद्र व उसकी दो लड़कियां पांच वर्षीय पायल व दो वर्षीय पलक मौजूद थी। आग लगने से पांच वर्षीय पायल के दोनों हाथ जल गए और पलक के कानों पर भी आंच लगी हुई है। आग की लपटें लगने से दोनों लड़कियों की अचानक आंख खुली और दोनों लड़कियों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया।
भूखे मरने की आई नौबत
राजेंद्र कुमार ने बताया कि वह आटो चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता है। कड़ी मेहनत करके घर में सामान जोड़ा था जो चंद मिनटों में उनके सामने देखते ही देखते जलकर राख हो गया। आग से घर में रखी गेहूं भी जल कर राख हो गई है। शाम की रोटी का क्या जुगाड़ होगा समझ नहीं आ रहा ।
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जानकारी के अनुसार आटो चालक राजेंद्र कुमार की पत्नी दवाई लेने के लिए बाहर गई हुई थी। उसकी दो बेटियों उसके साथ थी। तीनों रात को खाना खाकर सो गए। बेटियों को आंच आई तो उन्होंने शोर मचाया और घर के अंदर सो रहे परिवार के सदस्य बाहर निकले। आग लगने की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही एएसपी वसीम अकरम व थाना प्रभारी राविस कुमार मौके पर पहुंचे और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया।
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फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग को काबू किया लेकिन तब तक घर का सारा सामान स्वाहा हो चुका था। मकान मालिक राजेंद्र व उसकी दोनों बेटी पांच वर्षीय पायल व दो वर्षीय पलक आग की चपेट में आ गई गनीमत रही इनकी जान बच गई। मकान मालिक राजेंद्र कुमार ने बताया कि हर रोज की भांति शुक्रवार रात दोनों बेटियों के सो जाने के बाद वह भी सो गया।
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अचानक घर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयकर रूप धारण कर लिया। आग के कारण बाइक, वाशिंग मशीन, साइकिल, फ्रिज, अलमारी, तीन पेटी, दो फराटे, छत पंखा, एक दीवान बेड, दो मेज, दो कुर्सी, गेहूं की टंकी, तीन चारपाई, सिलाई मशीन, एक टीवी, प्रेस, रसोई के बर्तन, 3700 रुपये की नकदी सहित सारा कीमती सामान जल कर राख हो गया। आग के कारण मकान की छत भी जल गई।
बाल-बाल बची बेटियां
राजेंद्र कुमार अपने परिवार के साथ हनुमान नगर में पिछले कई सालों से रह रहा है। राजेंद्र कुमार की पत्नी दवा लेने के बाहर गई थी। रात को घर में राजेंद्र व उसकी दो लड़कियां पांच वर्षीय पायल व दो वर्षीय पलक मौजूद थी। आग लगने से पांच वर्षीय पायल के दोनों हाथ जल गए और पलक के कानों पर भी आंच लगी हुई है। आग की लपटें लगने से दोनों लड़कियों की अचानक आंख खुली और दोनों लड़कियों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया।
भूखे मरने की आई नौबत
राजेंद्र कुमार ने बताया कि वह आटो चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता है। कड़ी मेहनत करके घर में सामान जोड़ा था जो चंद मिनटों में उनके सामने देखते ही देखते जलकर राख हो गया। आग से घर में रखी गेहूं भी जल कर राख हो गई है। शाम की रोटी का क्या जुगाड़ होगा समझ नहीं आ रहा ।