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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रदेश भर में धरना देंगे जाट
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Mon, 10 Oct 2016 12:25 AM IST
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मीटिंग में मौजूद जाट समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक रविवार को अर्बन एस्टेट स्थित जाट धर्मशाला में हुई। इस दौरान फैसला हुआ कि जाट आरक्षण की मांग और जाट युवाओं की रहाई की मांग को लेकर संसद के शीतकालीन अधिवेशन के दौरान प्रदेश भर में धरने दिए जाएंगे।
इसके बाद भी यदि सरकार नहीं मानी तो धरने उप मंडल और तहसील स्तर पर किए जाएंगे। जाट नेताओं ने कहा कि जाट आरक्षण पर सरकार का रुख ढीला है। इससे जाट समुदाय में रोष है। मीटिंग के बाद समिति के जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने जाटों को 31 अगस्त तक का समय दिया था, लेकिन जाट आरक्षण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं सरकार ने जाट आरक्षण मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट से करवाने की बात कही थी, ऐसा भी नहीं हुआ है। कैप्टन भूपेंद्र ने कहा कि जींद में चार जगहों को धरने के लिए चिन्हित किया गया है। इसमें जींद, पिल्लूखेड़ा, जुलाना व नरवाना शामिल हैं। इनमें से किसी भी एक जगह पर धरना दिया जा सकता है।
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समाज को एकजुट करने की बात
मीटिंग के दौरान कुछ जाट नेताओं ने कहा कि समाज को एकजुट करना चाहिए। फरवरी माह में जिन युवाओं के खिलाफ केस बने हैं, वे ही साथ नहीं आ रहे हैं। यदि वे लोग पेशी की सूचना दें, तो समिति अपने प्रयास कर सकती है।
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मनाएंगे काली दिवाली
कैप्टन भूपेंद्र ने कहा कि उड़ी हमले के विरोध में समिति ने काली दिवाली मनाने का फैसला किया है। फिर भी यदि कोई दिवाली मनाता है, तो वह विदेशी सामान का प्रयोग नहीं करेगा।