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शहर में एक करोड़ रुपये सफाई व्यवस्था पर खर्च के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ा जींद

Sun, 02 Oct 2022 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 12:18 AM IST
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Jind backward in cleanliness survey despite spending one crore rupees on cleanliness in the city
Jind backward in cleanliness survey despite spending one crore rupees on cleanliness in the city - फोटो : Jind
स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में जींद शहर काफी पिछड़ गया है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार जींद शहर काफी पीछे चला गया है। शहर में सफाई व्यवस्था पर हर महीने लगभग एक करोड़ रुपये खर्च होते हैं इसके बावजूद शहर की दशा को स्वच्छता सर्वेक्षण ने जगजाहिर कर दिया है। पिछले वर्ष प्रदेश भर की 14 नगर पालिकाओं में जिले का दूसरा स्थान था। इस बार यह 16वें स्थान पर खिसक गया है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी पिछले वर्ष जिले का स्थान 195 थी, जो अबकी बार 223 पहुंच गया है। इससे साफ है कि पिछले वर्ष शहर में सफाई व्यवस्था ज्यादा ठीक थी जो इस वर्ष खराब हो गई है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में सामने आया है कि जींद शहर घर-घर कूड़ा उठान में प्रदेश में काफी अव्वल है। इसकी रेंकिंग 90 प्रतिशत से भी ज्यादा है। इसी प्रकार बाजार की सफाई व रिहायशी क्षेत्र की सफाई भी जिले में 90 प्रतिशत से ज्यादा है। इसमें जींद शहर प्रदेश में काफी अच्छा कार्य कर रहा है। इन्हीं की बदौलत जींद शहर की रैंकिंग इतनी अच्छी रही है। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालयों, सड़क की सफाई, ड्रेन की सफाई, जलघरों की सफाई, नागरिकों की समस्या दूर करने में जींद शहर काफी पिछड़ गया है। इसकी रेंकिंग 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत रही है। वहीं प्रतिदिन रिहायशी क्षेत्र में सफाई, खुले में रखे कूड़ादान तथा शहर के सुंदरीकरण में शहर का प्रदर्शन काफी जिलों से अच्छा रहा है। इसकी रैंकिंग 75 से 90 प्रतिशत तक रही है।
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शहर में सफाई पर खर्च होते हैं एक करोड़ रुपये प्रति महीना
शहर में सफाई व्यवस्था पर एक करोड़ रुपये प्रति महीना खर्च होते हैं। इसमें 70 लाख रुपये ठेकेदार को प्रति महीना दिए जाते हैं, जिसमें मशीन द्वारा सफाई के साथ-साथ कूड़ा उठान का कार्य करवाया जाता है। वहीं नगर परिषद के पास 212 सफाई कर्मचारी हैं जिनकी सैलरी पर प्रति महीना 29 लाख रुपये खर्च आता है। इतनी भारी भरकम राशि खर्च करने के बावजूद शहर स्वच्छता रैंकिंग में काफी पिछड़ गया है।
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नगर परिषद का अभी कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। सभी पार्षदों के साथ मिलकर शहर की सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों तथा अन्य स्थानों के बारे में पूरी योजना तैयार की गई है। शहर के सुंदरीकरण की भी योजना बनाई गई है। शहर को पूरी तरह चमकाया जाएगा तथा अगली बार प्रदेश में स्वच्छता में पहला स्थान हासिल किया जाएगा।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद।
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