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Jind News: एक बार फिर गूंजेगी देश में जाट आरक्षण की मांग

Thu, 15 Jun 2023 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 15 Jun 2023 12:12 AM IST
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Jat reservation demand will echo once again in the country
संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। देश में 2006 से चल रहा जाट आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर उठने जा रहा है। जींद में हुई अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में बुधवार को कहा गया कि अगस्त में होने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले दिल्ली में समिति राष्ट्रीय सम्मेलन करेगी। इसमें जाट आरक्षण आंदोलन चलाने के लिए तारीख की घोषणा की जाएगी। इसके अलावा महिला पहलवानों व किसान आंदोलन का समर्थन करने का लान किया गया।



पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान में समिति के संरक्षक यशपाल मलिक ने कहा कि देश में 2006 से जाट आरक्षण आंदोलन चल रहा है। 2016 में कुछ लोगों ने इसे हिंसक रूप दे दिया था। उन्होंने इस आंदोलन की कमान संभाली थी। 58 दिन चले धरने के बाद सरकार ने जाटों को आरक्षण देने, मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने और आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की घोषणा की थी। इसमें सरकार ने आरक्षण दे दिया था, लेकिन उसके बाद इस पर अदालत का स्थगन आदेश जारी हो गया। अब एक बार फिर सरकार पर दबाव बनाकर और उसे समझाकर आरक्षण की मांग उठाई जाएगी। जब भी संसद के मानसून सत्र की तारीख का एलान होगा, उसके बाद दिल्ली में समिति का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। इसमें जाट आरक्षण आंदोलन की तारीख की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह दहिया ने कहा कि बेटियों को बचाने के लिए जल्द ही देश भर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ यात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा महिला पहलवानों व किसानों के आंदोलन की जो भी रूपरेखा बनेगी, उसमें उसी अनुरूप भाग लिया जाएगा।
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आंदोलनों से नहीं हटे पीछे

यशपाल मलिक से जब सवाल किया गया कि उनको चुनाव के समय ही जाट आरक्षण की याद क्यों आती है तो उन्होंने कहा कि आंदोलन कभी बंद नहीं हुआ। वह इस दौरान बीच-बीच में बैठकें लेते रहे और लोगों को इसके फायदे बताते रहे। वह आंदोलन से कभी पीछे नहीं हटे। अब समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप दहिया हैं, वह जो भी आंदोलन की रूपरेखा बनाएंगे, उसके अनुसार आंदोलन किया जाएगा।
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