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विधायक के प्रतिष्ठानों पर दूसरे दिन भी आईटी की जांच
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:19 AM IST
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आयकर विभाग का छापा
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स्काइलार्क कंपनी के संचालक व सफीदों से निर्दलीय विधायक जसबीर देशवाल व उसके रिश्तेदारों के आवास, व्यापारी प्रतिष्ठानों पर बुधवार को दूसरे दिन भी रेड जारी रही। आयकर विभाग की टीम ने सभी स्थानों पर रात को भी डेरा जमाए रखा। टीम ने देर रात तक रिकार्ड खंगालना जारी रखा और अल सुबह फिर से कार्य शुरू कर दिया। बाद में आयकर विभाग की टीम कंपनी के खातों व लॉकरों की जांच के लिए बैंक में पहुंची, जहां खातों की स्टेटमेंट को भी खंगाला। बुधवार को विधायक के सफीदों आवास पर खामोशी छाई रही। शहर के हर व्यक्ति की जुबान पर इस रेड की चर्चा देखने को मिली। वहीं, विभाग की टीम ने शिक्षा संस्थान मेटिस कॉलेज के कार्यालय की जांच बंद कर दी है।
विदित रहे कि देश की पोल्ट्री व्यवसाय में टॉप कंपनियों में शुमार स्काइलार्क कंपनी का सालाना लगभग दो हजार करोड़ रुपये का टर्न ओवर है। कंपनी के संचालक रहे विधायक जसबीर देशवाल के घर मंगलवार को आयकर विभाग की टीम ने जांच शुरू की। करीब 200 छोटे बड़े अधिकारियों द्वारा सभी संस्थानों में कागजातों की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कंप्यूटरों से लेकर विधायक पीए कार्यालय के हर कागज की जांच की है। फिलहाल अधिकारी कोई भी जानकारी देने से मना कर रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में रहा चर्चा का विषय
सफीदों से निर्दलीय विधायक चुनकर आए जसबीर देशवाल ने शुरुआत में ही भाजपा सरकार को समर्थन दे दिया था। जसबीर देशवाल चुनाव के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बहन वंदना शर्मा को हराकर विधानसभा पहुंचे थे। विदेश मंत्री की बहन को चुनाव में हराने के बाद जसबीर देशवाल राजनीति में चर्चा का विषय बन गए थे। अब उनके सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापामारी के बाद राजनीतिक गलियारों में फिर से चर्चा का विषय बने हुए हैं। राजनीतिक लोग अब उनकी छापामारी को अलग-अलग एंगल से देख रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उनकी कंपनी की आमदनी के मुकाबले कम रिटर्न भरने के चलते आयकर विभाग की टीम ने छापामारी की है।
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कुरुक्षेत्र गुरुकुल पर चिकित्सालय में भर्ती मरीज के संबंध में आई थी आयकर की टीम
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के कुरुक्षेत्र गुरुकुल पर आयकर विभाग की टीम ने छापामारी नहीं की, बल्कि गुरुकुल के चिकित्सालय में भर्ती एक मरीज के संबंध में आई थी। उप प्राचार्य शमशेर ने बताया कि गुरुकुल के चिकित्सालय में भर्ती एक मरीज के संबंध में आयकर विभाग की टीम जरूर आई थी, लेकिन उस मरीज को एक दिन पहले ही चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई थी। जानकारी लेने के बाद आयकर विभाग की टीम वहां से चली गई।
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विदित रहे कि देश की पोल्ट्री व्यवसाय में टॉप कंपनियों में शुमार स्काइलार्क कंपनी का सालाना लगभग दो हजार करोड़ रुपये का टर्न ओवर है। कंपनी के संचालक रहे विधायक जसबीर देशवाल के घर मंगलवार को आयकर विभाग की टीम ने जांच शुरू की। करीब 200 छोटे बड़े अधिकारियों द्वारा सभी संस्थानों में कागजातों की गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कंप्यूटरों से लेकर विधायक पीए कार्यालय के हर कागज की जांच की है। फिलहाल अधिकारी कोई भी जानकारी देने से मना कर रहे हैं।
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राजनीतिक गलियारों में रहा चर्चा का विषय
सफीदों से निर्दलीय विधायक चुनकर आए जसबीर देशवाल ने शुरुआत में ही भाजपा सरकार को समर्थन दे दिया था। जसबीर देशवाल चुनाव के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बहन वंदना शर्मा को हराकर विधानसभा पहुंचे थे। विदेश मंत्री की बहन को चुनाव में हराने के बाद जसबीर देशवाल राजनीति में चर्चा का विषय बन गए थे। अब उनके सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापामारी के बाद राजनीतिक गलियारों में फिर से चर्चा का विषय बने हुए हैं। राजनीतिक लोग अब उनकी छापामारी को अलग-अलग एंगल से देख रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उनकी कंपनी की आमदनी के मुकाबले कम रिटर्न भरने के चलते आयकर विभाग की टीम ने छापामारी की है।
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कुरुक्षेत्र गुरुकुल पर चिकित्सालय में भर्ती मरीज के संबंध में आई थी आयकर की टीम
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के कुरुक्षेत्र गुरुकुल पर आयकर विभाग की टीम ने छापामारी नहीं की, बल्कि गुरुकुल के चिकित्सालय में भर्ती एक मरीज के संबंध में आई थी। उप प्राचार्य शमशेर ने बताया कि गुरुकुल के चिकित्सालय में भर्ती एक मरीज के संबंध में आयकर विभाग की टीम जरूर आई थी, लेकिन उस मरीज को एक दिन पहले ही चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई थी। जानकारी लेने के बाद आयकर विभाग की टीम वहां से चली गई।