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हाईवे और निर्माणाधीन क्षेत्र पर पानी का छिड़काव करने के दिए निर्देश

Sat, 29 Oct 2022 12:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Oct 2022 12:30 AM IST
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Instructions for sprinkling water on the highway and under construction area
जींद। डीसी डा. मनोज कुमार ने वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वद्द हाईवे और कंस्ट्रक्शन साइट पर डस्ट कंट्रोल करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करें ताकि पर्यावरण प्रदूषित न हो।
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वीरवार देर सांय हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पी राघवेंद्र राव की अध्यक्षता में आयोजन वीडियो कांफ्रेंस उपरांत संबंधित विभागध्यक्षों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-एनसीआर व एडज्वाइनिंग एरिया में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से कड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग हाईवे और निर्माणाधीन क्षेत्र में नियमित रूप से पानी का छिडक़ाव करवाएं ताकि वायु प्रदूषण को कम किया जा सके। डीसी ने कहा कि वायु प्रदूषण को रोकने, नियंत्रित और कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जीएनसीटीडी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनसीआर के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्र की एजेंसियों और विभागों के लिए एक व्यापक नीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष नियंत्रण करने की आवश्यकता है। समय-समय पर वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान और वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार के आधार पर निर्णय की समीक्षा की जाएगी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पी राघवेंद्र राव को बताया कि जिला में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की नीति व हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दिए गए आदेशों को सख्ती से लागू करते हुए पालना सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद, नगर पालिका के अधिकारी मौजूद रहे।
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फसल अवशेष जलाने पर होगी सख्त कार्रवाई
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि सरकार और एनजीटी के साथ-साथ जिला प्रशासन फसल अवशेष जलाने, पर्यावरण प्रदूषण करने वालों से सख्ती से निपटेगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे हुए उनके चालान किए जाएंगे। जिला में ग्रीनरी और प्लांटेशन पर ध्यान देते हुए पौधारोपण करें और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए। पर्यावरण संरक्षण एक सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है।
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