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बदहाली की मार झेल रहा औद्योगिक क्षेत्र

Wed, 18 Nov 2015 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
ब्यूरो/अमर उजाला जींद Updated Wed, 18 Nov 2015 01:23 AM IST
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हांसी रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र बदहाली की मार झेल रहा है। लगातार हो रही उपेक्षा के कारण औद्योगिक क्षेत्र सिकुड़ रहा है। कागजों पर तो सभी सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन जमीन पर हालात कुछ और बयां कर रहे हैं। सड़कें टूटी हुई हैं और सीवरेज व्यवस्था भी ठप पड़ी है।

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उद्योगों के मामले में जींद की स्थिति कितनी खराब है, इस बात का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मात्र एक दर्जन औद्योगिक ही कार्य रही हैं। क्षेत्र के उद्योगों का पिछले दस-पंद्रह साल का इतिहास देखा जाए तो, जो इकाइयां इस समय थोड़े-बहुत लोगों को रोजगार दे रही हैं, उनका भी कारोबार सिमट रहा है।
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28 एकड़ में स्थित औद्योगिक क्षेत्र में कुल 78 प्लाटों पर 48 उद्यमियों का मालिकाना हक है। इनमें से अधिकतर उद्योग बंद पड़े हैं और दर्जन भर उद्योग ही चल रहे हैं, जो बदहाली की मार झेल रहे हैं।
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व्यवस्था कुछ नहीं, मेंटनेंस भेज रहे प्रतिमाह
हांसी रोड पर स्थित औद्योगिक इकाई की देखरेख का जिम्मा एचएसआईआईडीसी के अंतर्गत आता है। उद्योगिक इकाई में पानी की निकासी भी सुविधा नहीं है। ऐसे में गंदा पानी इकाइयों के बाहर ही खड़ा हो जाता है। उद्यमियों के अनुसार एचएसआईआईडीसी विभाग का कार्य तो केवल मेंटिनेस चार्ज वसूल करने तक ही सीमित रह गया है, उसे उद्यमियों को हो रही परेशानी से जैसे कोई लेना-देना नहीं है। इस वजह से ज्यादातर उद्यमियों ने मेंटिनेंस चार्ज भरना बंद कर दिया है।

पिछले काफी समय तक नहीं हुई स्थाई नियुक्ति
औद्योगिक इकाई ट्यूबवैल ऑपरेटर के ही सहारे चल रही है। पिछले काफी समय से जिला में एचएसआईआईडीसी में अधिकारी की स्थाई नियुक्ति नहीं होने से एडिशनल चार्ज रहा है। जिला मुख्यालय पर स्थित होने के बावजूद जिले में एचएसआईआईडीसी का मुख्य कार्यालय नरवाना में हैं।

कई जिलों का भार होने की वजह से जींद के एचएसआईआईडीसी कार्यालय में अधिकारी के आने का कोई समय निर्धारित नहीं है। कार्यालय से संबंधित सारा कार्य ट्यूबवैल ऑपरेटर के सहारे ही चलता है। अब जिले में स्थाई तौर पर सीनियर मैनेजर की नियुक्ति हुई है।

औद्योगिक क्षेत्र के सिमटने के ये भी हैं कारण
1. क्षेत्र में कच्चा माल उपलब्ध नहीं होने की वजह से बाहर से आयात करने पर बढ़ रही लागत।
2. स्थानीय क्षेत्र में तैयार माल की खपत नहीं।
3. परिवहन की भी नहीं उचित व्यवस्था
4. लेबर की भी है समस्या। आसानी से मजदूर उपलब्ध नहीं होने से मजदूरी महंगी।

कागजी तौर पर ही मिल रही सुविधाएं
उद्योग के अनुकूल माहौल नहीं है। उद्यमियों को कागजी तौर पर ही सुविधाएं मिल रहीं हैं, लेकिन व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। निगम की तरफ से भी उद्यमियों को कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।
प्यारे लाल, सचिव
जिला उद्योग संघ, जींद।

सिमट रहे हैं उद्योग
अनदेखी के चलते औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगातार सिमट रहे हैं। फिलहाल चल रहे उद्योग भी बिजली व अन्य मूलभूत सुविधा नहीं मिलने के कारण बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। गंदे पानी की निकासी भी लाइलाज बीमारी बन चुकी है। सुशील कुमार गोयल, उद्यमी

अनुकूल माहौल देने में एचएसआईआईडीसी असफल
औद्योगिक क्षेत्र में सड़कें टूटी पड़ी हैं। सीवरेज की भी कोई व्यवस्था नहीं है। एचएसआईआईडीसी उद्यमियों को अनुकूल माहौल नहीं देने में असफल है। गर्मियों के सीजन में बिजली की भी काफी समस्या रहती है। राजेश कुमार, उद्यमी


अब तक जींद क्षेत्र का एडिशनल चार्ज रहा है, जिससे कई जिलों का चार्ज होने की वजह से समय नहीं मिल पाता। अब स्वतंत्र भार सौंपा गया है, जल्द ही सड़क व सीवरेज व्यवस्था ठीक करवाई जाएगी। उद्यमी भी मेंटिनेंस चार्ज नहीं भरते हैं, जिस वजह से भी यह समस्या आ रही है। कृष्ण कुमार, सीनियर मैनेजर, एचएसआईआईडीसी, जींद।

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