फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   In three to five lakh rupees fee, paper was solved in just 15 minutes.

तीन से पांच लाख रुपये फीस में महज 15 मिनट में हल कर देते थे पेपर

Sun, 28 Feb 2021 11:04 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 11:04 PM IST
विज्ञापन
In three to five lakh rupees fee, paper was solved in just 15 minutes.
धर्मवीर निडाना
विज्ञापन

जींद। दिल्ली की जिला अदालत की परीक्षा का पेपर हल करने की सूचना पर पुलिस की ओर से मार गए छापे में तीन युवकों को दबोचा है। रविवार सुबह पुलिस, सीआईए की टीम ने काकड़ौद गांव के पास मुर्गी फार्म में बने मकान में छापा मारा था। हालांकि अभी मामले में किस स्तर तक सेटिंग थी, इसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। प्रश्न पत्र हल करने की एवज में उम्मीदवारों से पांच से सात लाख रुपये लिए जाते हैं। फर्जीवाड़ा करने वाला सबसे अधिक राशि सॉल्वर पर खर्च करता है। इसके लिए पांच से छह सॉल्वर जुटाए जाते हैं।
पिछले चार-पांच साल से देश में बड़ी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने में जींद जिले के लोगों के नाम सामने आते रहे हैं।
अब रविवार को नया मामला आया है। प्रश्न पत्र की आंसर-की उम्मीदवार को परीक्षा समाप्त होने से कुछ समय पहले दी जाती है। महज दस मिनट में ही यह पूरा खेल कर दिया जाता है। इसके बाद आंसर-की उम्मीदवारों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दूसरे लोगों की होती है। फिलहाल पकड़े गए सभी आरोपियों को जींद सीआईए थाने में लाया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। वहीं मामले की जांच के लिए पुलिस अब साइबर सैल की भी मदद ले रही है। इससे यह जानकारी जुटाई जा रही है। ठिकाने पर कितने मोबाइल फोन सक्रिय थे, इन लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।
विज्ञापन

ईमानदारी से चलता है बेईमानी का धंधा
रुपये लेकर प्रश्न पत्र हल करने का यह बेईमानी का धंधा बहुत ईमानदारी के साथ होता है। जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सेटिंग करने वाला सबसे पहले प्रश्न पत्र लीक कराने के लिए मोटी रकम खर्च करता है। इसके लिए वह अपने ग्राहकों (उम्मीदवारों) की संख्या के आधार पर रुपये लगाए जाते हैं। परीक्षा की तारीख तय होते ही उम्मीदवार संपर्क में आने शुरू हो जाते हैं। इन लोगों को नेटवर्क काफी बड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर विषय का एक्सपर्ट होता है सॉल्वर
प्रश्न पत्र हल कराने वाले गिरोह की सारी जिम्मेदारी सॉल्वर पर होती है। पांच-छह ऐसे लोगों को हायर किया जाता है, जो 10-15 मिनट में ही प्रश्न पत्र को हल कर दें। इसके लिए गूगल से लेकर पुस्तकों की भी मदद ली जाती है। इन विशेषज्ञों के 90 प्रतिशत तक उत्तर सही होते हैं। इसके बाद कोड के अनुसार आंसर की तैयार कर भेज दी जाती है।
करीब 50 लोग थे मौके पर
मुखबिर ने उचाना पुलिस के दो कर्मचारियों से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर पूरे मामले की सूचना दी थी। इसके बाद जब पुलिस पहुंची तो यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों के पंजीकरण नंबर की बाइक व कार मौजूद थी। पुलिस को दूर से आते देख कर काफी लोग मौके से भाग निकले। सूत्रों के अनुसार सात-आठ युवकों को पुलिस ने पकड़ा है, जबकि पुलिस आधिकारिक रूप से तीन लोगों की ही पुष्टि कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक व्यक्ति काराधान विभाग में कार्यरत है। हालांकि इसकी संलिप्ता इस मामले में है या नहीं, इसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है।

आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अभी तक कोई ऐसी जानकारी नहीं मिली है, जिससे किसी गिरोह या अन्य व्यक्ति का खुलासा हो सके। आरोपियों के पास से मिले लैपटॉप, फोन व अन्य उपकरणों की जांच की जा रही है। इसके बाद ही स्थिति साफ होगी।
- जितेंद्र कुमार, डीएसपी उचाना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed