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Jind News: आईजी ने की क्राइम मीटिंग, बोले-अपराधियों का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं
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जींद। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) हिसार मंडल कुलदीप यादव ने एसपी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में अधिकारियों के साथ क्राइम बैठक की। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नशा तस्करी, लंबित मामलों, फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों पर चर्चा हुई।
थाना स्तर पर पुलिस के कामकाज की भी समीक्षा की गई। आईजी ने अपराध पर सख्ती से लगाम लगाने और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
आईजी ने कहा कि अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाना पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। थाना प्रभारी अपने-अपने इलाके में अपराध रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाएं। कोई घटना होने पर तुरंत और नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण और पुलिस के कामकाज को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और स्थानीय सूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि अपराध की जानकारी समय पर मिल सके और आरोपियों पर कार्रवाई हो सके। महिलाओं से जुड़े अपराधों की समीक्षा करते हुए आईजी ने ऐसी शिकायतों पर तुरंत और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
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बैठक से पहले एसपी कुलदीप सिंह ने आईजी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक में डीएसपी उचाना संजय कुमार, डीएसपी सफीदों गौरव शर्मा, डीएसपी जींद ऋषभ सोढ़ी, डीएसपी मुख्यालय संदीप कुमार और डीएसपी नरवाना कमलदीप राणा समेत सभी थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, सीआईए स्टाफ प्रभारी और एसपी कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे।
फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलेगा विशेष अभियान
आईजी ने फरार आरोपियों, स्थायी वारंटियों और अपराधी किस्म के लोगों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। गंभीर और जघन्य अपराधों में शामिल आरोपियों पर खास नजर रखने और ऐसे मामलों की जांच तय समय में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों का किसी भी स्तर पर महिमामंडन नहीं होना चाहिए बल्कि कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता से एक सप्ताह बाद लें फीडबैक
आईजी ने थाने में आने वाले शिकायतकर्ताओं के साथ विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनकर पारदर्शी और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायत दर्ज होने के करीब एक सप्ताह बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि कार्रवाई से उसकी संतुष्टि और लंबित समस्या की जानकारी मिल सके। छोटे विवादों को आपसी बातचीत और समझौते के माध्यम से समय रहते सुलझाने के प्रयास करने को भी कहा।
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थाना स्तर पर पुलिस के कामकाज की भी समीक्षा की गई। आईजी ने अपराध पर सख्ती से लगाम लगाने और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
आईजी ने कहा कि अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाना पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। थाना प्रभारी अपने-अपने इलाके में अपराध रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाएं। कोई घटना होने पर तुरंत और नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण और पुलिस के कामकाज को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और स्थानीय सूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि अपराध की जानकारी समय पर मिल सके और आरोपियों पर कार्रवाई हो सके। महिलाओं से जुड़े अपराधों की समीक्षा करते हुए आईजी ने ऐसी शिकायतों पर तुरंत और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
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बैठक से पहले एसपी कुलदीप सिंह ने आईजी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक में डीएसपी उचाना संजय कुमार, डीएसपी सफीदों गौरव शर्मा, डीएसपी जींद ऋषभ सोढ़ी, डीएसपी मुख्यालय संदीप कुमार और डीएसपी नरवाना कमलदीप राणा समेत सभी थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, सीआईए स्टाफ प्रभारी और एसपी कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे।
फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलेगा विशेष अभियान
आईजी ने फरार आरोपियों, स्थायी वारंटियों और अपराधी किस्म के लोगों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। गंभीर और जघन्य अपराधों में शामिल आरोपियों पर खास नजर रखने और ऐसे मामलों की जांच तय समय में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों का किसी भी स्तर पर महिमामंडन नहीं होना चाहिए बल्कि कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता से एक सप्ताह बाद लें फीडबैक
आईजी ने थाने में आने वाले शिकायतकर्ताओं के साथ विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनकर पारदर्शी और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायत दर्ज होने के करीब एक सप्ताह बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि कार्रवाई से उसकी संतुष्टि और लंबित समस्या की जानकारी मिल सके। छोटे विवादों को आपसी बातचीत और समझौते के माध्यम से समय रहते सुलझाने के प्रयास करने को भी कहा।