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हरियाणा: जींद में बोले गुरनाम सिंह चढ़ूनी, किसान आंदोलन में फूट पड़ी तो पूरे देश का होगा नुकसान
Sat, 31 Jul 2021 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद (हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 11:36 PM IST
सार
चढू़नी ने कहा कि कोई भी आंदोलन हो, वह अगर चार चरणों से निकल जाता है तो उसमें जीत मिलती है। पहला चरण होता है समझा कर आंदोलन को तोड़ना, दूसरा चरण लालच देना, तीसरा चरण होता है दंडित करना मामले दर्ज करना, लाठी चार्ज करना, जेलों में भेजना ये तीनों चरण किसान, मजदूर का आंदोलन पार कर चुका है।
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जींद पहुंचे किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
खटकड़ टोल पर किसानों को धरना शनिवार को जारी रहा। जहां भाकियू (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी धरने पर पहुंचे। इस दौरान चढू़नी ने कहा कि यह हमारे आंदोलन का अंतिम पड़ाव है। एक बात का ध्यान रखना अगर हमारे में फूट डल गई तो ये सोच लेना कि पूरे समाज, पूरे देश का नुकसान हो जाएगा। इसलिए हमें एक-दूसरे की बात को बर्दाश्त करना है।
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उन्होंने कहा कि खटकड़ टोल पर हरियाणा में नंबर एक पर धरना चल रहा है। यहां के धरने पर महिलाओं, युवाओं की भागीदारी बड़ी संख्या में होती है। किसान, मजदूरों के हकों के लिए चलाए गए इस आंदोलन में जींद नंबर एक पर है।
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कोई आपसी मनमुटाव है, वह नहीं रखना चाहिए। किसी की तरफ से अगर कोई गलती है तो उनकी तरफ से हम सबसे माफी मांगते हैं। हम खुद के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए धरनों पर बैठे हैं। हम आपस में लड़ने के लिए नहीं बैठे हैं बल्कि हम उन लोगों के लिए धरनों पर बैठे हैं जिनको पूंजीपति खा रहे हैं।
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चढू़नी ने कहा कि कोई भी आंदोलन हो, वह अगर चार चरणों से निकल जाता है तो उसमें जीत मिलती है। पहला चरण होता है समझा कर आंदोलन को तोड़ना, दूसरा चरण लालच देना, तीसरा चरण होता है दंडित करना मामले दर्ज करना, लाठी चार्ज करना, जेलों में भेजना ये तीनों चरण किसान, मजदूर का आंदोलन पार कर चुका है।
अंतिम पड़ाव होता है आपस में फूट डालना आज तक कोई भी आंदोलन इस चौथे पड़ाव को पार नहीं कर पाया। फूट डलती है तो हम अपने भाइयों की बात को बर्दाश्त नहीं करते हैं। यहां आकर ही आंदोलन टूटता है। जिस आंदोलन ने चौथा पड़ाव पार कर लिया तो सरकार बड़ी कमजोर है, जो चाहों सरकार से मनवा लो। आप 10 मांगें लेकर जाएं बेशक 12 मनवा लो।