{"_id":"682a250e76e225a619092824","slug":"if-the-officer-has-done-wrong-then-action-should-be-taken-within-the-ambit-of-rules-bhupendra-hooda-jind-news-c-17-roh1010-655476-2025-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसर ने गलत किया है तो नियमों के दायरे में कार्रवाई हो : भूपेंद्र हुड्डा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसर ने गलत किया है तो नियमों के दायरे में कार्रवाई हो : भूपेंद्र हुड्डा
विज्ञापन
18 सीटीके 01 : पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व साथ में मौजूद
रोहतक। जींद में अफसर के साथ विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और भाजपा विधायक डाॅ. कृष्ण मिड्ढा के कथित व्यवहार पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अगर अफसर ने गलत किया है तो उसके खिलाफ नियमों के दायरे में रहकर कार्रवाई होनी चाहिए। यूं सार्वजनिक तौर पर कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। हुड्डा रविवार को रोहतक के डी पार्क स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा, शकुंतला खटक, पूर्व मंत्री सुभाष बतरा व पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी भी मौजूद रहे।
दलित ने दलित का उत्पीड़न किया: मिड्ढा
रोहतक। विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और जींद के विधायक डॉक्टर कृष्ण मिड्ढा ने रोहतक स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर चैरिटेबल कॉम्प्लेक्स में डायलिसिस सेंटर का उद्घाटन किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में जींद में अफसर के साथ कथित व्यवहार के सवाल पर मिड्ढा ने कहा कि एक दलित अफसर ने बिना नोटिस के दलित परिवारों की दुकानें तुड़वा दी। यह कार्रवाई गलत है। कुर्सी, मेज व अन्य सामान की हालत यह कर दी कि कील लगाकर भी उनको ठीक नहीं किया जा सकता। वातानूकुलित कार में बैठकर उनके पास से गुजरने वाले नेता व अफसर सोचें, भीषण गर्मी में सड़क किनारे बैठकर चंद रुपये कमाने वाले की रोजी-रोटी छीनने पर उस पर क्या गुजरी होगी। ब्यूरो
विज्ञापन
दलित ने दलित का उत्पीड़न किया: मिड्ढा
रोहतक। विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और जींद के विधायक डॉक्टर कृष्ण मिड्ढा ने रोहतक स्थित बाबा बंदा सिंह बहादुर चैरिटेबल कॉम्प्लेक्स में डायलिसिस सेंटर का उद्घाटन किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में जींद में अफसर के साथ कथित व्यवहार के सवाल पर मिड्ढा ने कहा कि एक दलित अफसर ने बिना नोटिस के दलित परिवारों की दुकानें तुड़वा दी। यह कार्रवाई गलत है। कुर्सी, मेज व अन्य सामान की हालत यह कर दी कि कील लगाकर भी उनको ठीक नहीं किया जा सकता। वातानूकुलित कार में बैठकर उनके पास से गुजरने वाले नेता व अफसर सोचें, भीषण गर्मी में सड़क किनारे बैठकर चंद रुपये कमाने वाले की रोजी-रोटी छीनने पर उस पर क्या गुजरी होगी। ब्यूरो
विज्ञापन