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मैं विभाग का सचिव होता तो सीएम के आदेश पर तुरंत होता अमल
jind
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:45 AM IST
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अनाज मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक
- फोटो : bureau
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अपनी बेबाकी के लिए मशहूर आईएएस अशोक खेमका ने धान की खरीद के दौरान मंडियों में हो रही लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार लगाई। खेमका ने कहा कि यदि वे विभाग के सचिव होते तो सीएम के आदेश पर तत्काल अमल होता। खेमका ने यह भी माना कि मुख्यमंत्री के आदेश पर धान खरीद में ठीक तरीके से कार्रवाई नहीं हो रही है। हरियाणा सरकार में विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी विभाग के प्रधान सचिव अशोक कुमार खेमका ने बुधवार को जिले की मंडियों का दौरा किया। गौरतलब है कि राज्य में छह बडे़ अधिकारियों की ड्यूटी धान खरीद में निगरानी रखने के लि लगाई है।
इस दौरान अशोक खेमका ने उचाना मंडी में 22 प्रतिशत तक नमी वाली पीआर धान की खरीद को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अभी तक सीएम के आदेश के बाद भी नमी वाली धान की खरीद नहीं हो रही है। खेमका ने कहा कि तीन अक्तूबर को सीएम और कृषि मंत्री ने बैठक कर आदेश दिए थे कि 22 प्रतिशत तक की नमी वाली फसल की खरीद की जाए। खरीद के दौरान धान के भाव में किसी प्रकार की कटौती अथवा कमी नही की जाएगी। नमी के कारण भार में कटौती की जा सकती है, लेकिन यहां पर सीएम और कृषि मंत्री के आदेश पर अमल नहीं हो रहा है। खेमका ने कहा अगर मैं विभाग का सचिव होता तो सीएम के आदेश पर तुरंत अमल होता। उचाना मंडी के निरीक्षण के दौरान अशोक खेमका किसानों से सीधे रूबरू हुए। खेमका ने मार्केट कमेटी प्रशासन के अधिकारियों व खरीद एजेंसियों को सख्त आदेश देते हुए कहा कि धान की खरीद के कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा धान की फसल के 1510 तथा 1470 रुपये एमएसपी निर्धारित किया है। इससे कम रेट पर किसी भी सूरत में किसान की धान नहीं खरीदी जाए। सही समय पर प्रतिदिन बोली शुरू हो और प्रत्येक दुकान पर बोली पहुंचनी चाहिए। निर्धारित फार्म भरवाए जाने चाहिए। मार्केट फीस की किसी भी सूरत में चोरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मार्केट कमेटी गेट पास को पारदर्शी तरीके से लागू करें। दूसरे राज्यों में विशेष रूप से पंजाब की ओर से धान हरियाणा में नहीं आना चाहिए। इसके लिए चौकसी बढ़ाई जाए। उठान का कार्य नियमित रूप से चलता रहना चाहिए ताकि मंडियों में आने वाले नए धान को डालने के लिए जगह मिलती रहे। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि वे वरिष्ठ अधिकारियों को मंडी अलाट कर खरीद कार्य पर नजर रखें। बैठक में एडीसी आमना तस्नीम, जींद के एसडीएम सतबीर सिंह कुंडू, नरवाना के एसडीएम डॉ. किरण सिंह और सफीदों के एसडीएम बलराज जाखड़, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अशोक रावत, हरियाणा वेयर हाउस के डीएम मनोज पाराशर, हैफेड के वीपी मलिक, एफसीआई के नवनीत कुमार राणा, पंकज बतरा मौजूद रहे।
इस तरह होगी नमी वाली फसल में कटौती
अशोक खेमका ने कहा कि 17 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर व्यापारी धान की खरीद नहीं कर रहे हैं। इसकी शिकायत मिल रही थी। अब सरकार ने विशेष कमेटी में धान खरीद का यह फार्मूला निकाला है कि अब 17 प्रतिशत नमी वाले धान को ही एमएसपी पर खरीदा जाएगा। नमीं 18 प्रतिशत हुई तो एक प्रतिशत कटौती यानी 15 रुपये 10 पैसे प्रति क्विंटल कटौती के साथ खरीद होगी। इसी प्रकार 19 प्रतिशत नमी होने पर 2 प्रतिशत यदि 30 रुपये 20 पैसे कटौती के साथ खरीद होगी। 20 प्रतिशत नमी होने पर 3 प्रतिशत यानी 45 रुपये 30 पैसे प्रति क्विंटल के साथ कटौती की जाएगी। 21 प्रतिशत नमी होने पर 4 प्रतिशत यानी 60 रुपये 40 पैसे प्रति क्विंटल कटौती के साथ खरीद होगी। उन्होंने बताया कि इस फैसले के अनुसार 22 प्रतिशत से अधिक नमी वाली धान की खरीद नहीं की जाएगी।
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मंडी में रहै कै हाम तो बीमार होग्ये
अशोमा खेमका जिस समय उचाना की अनाज मंडी में किसानों से रूबरू हो रहे थे, इसी दौरान राजकुमार नामक एक किसान ने खेमका से धान की खरीद शुरू करवाने की फरियाद लगाते हुए कहा कि हाम तो कई दिनैं तै मंडी में पड़े हां और याड़ै पड़े-पड़े बीमार होग्ये। खेमका ने किसानों को आश्वस्त किया कि जल्द ही धान की खरीद शुरू करवाई जाएगी।
बारदाने पर होगी स्वर्ण जयंती वर्ष की मोहर
खेमका ने कहा कि बारदाने का पर्याप्त स्टॉक रखें। राज्य सरकार स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही है। यह निर्णय लिया गया है कि बारदानें पर स्वर्ण जयंती का लोगों छापा जाना चाहिए।
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इस दौरान अशोक खेमका ने उचाना मंडी में 22 प्रतिशत तक नमी वाली पीआर धान की खरीद को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अभी तक सीएम के आदेश के बाद भी नमी वाली धान की खरीद नहीं हो रही है। खेमका ने कहा कि तीन अक्तूबर को सीएम और कृषि मंत्री ने बैठक कर आदेश दिए थे कि 22 प्रतिशत तक की नमी वाली फसल की खरीद की जाए। खरीद के दौरान धान के भाव में किसी प्रकार की कटौती अथवा कमी नही की जाएगी। नमी के कारण भार में कटौती की जा सकती है, लेकिन यहां पर सीएम और कृषि मंत्री के आदेश पर अमल नहीं हो रहा है। खेमका ने कहा अगर मैं विभाग का सचिव होता तो सीएम के आदेश पर तुरंत अमल होता। उचाना मंडी के निरीक्षण के दौरान अशोक खेमका किसानों से सीधे रूबरू हुए। खेमका ने मार्केट कमेटी प्रशासन के अधिकारियों व खरीद एजेंसियों को सख्त आदेश देते हुए कहा कि धान की खरीद के कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा धान की फसल के 1510 तथा 1470 रुपये एमएसपी निर्धारित किया है। इससे कम रेट पर किसी भी सूरत में किसान की धान नहीं खरीदी जाए। सही समय पर प्रतिदिन बोली शुरू हो और प्रत्येक दुकान पर बोली पहुंचनी चाहिए। निर्धारित फार्म भरवाए जाने चाहिए। मार्केट फीस की किसी भी सूरत में चोरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मार्केट कमेटी गेट पास को पारदर्शी तरीके से लागू करें। दूसरे राज्यों में विशेष रूप से पंजाब की ओर से धान हरियाणा में नहीं आना चाहिए। इसके लिए चौकसी बढ़ाई जाए। उठान का कार्य नियमित रूप से चलता रहना चाहिए ताकि मंडियों में आने वाले नए धान को डालने के लिए जगह मिलती रहे। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि वे वरिष्ठ अधिकारियों को मंडी अलाट कर खरीद कार्य पर नजर रखें। बैठक में एडीसी आमना तस्नीम, जींद के एसडीएम सतबीर सिंह कुंडू, नरवाना के एसडीएम डॉ. किरण सिंह और सफीदों के एसडीएम बलराज जाखड़, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अशोक रावत, हरियाणा वेयर हाउस के डीएम मनोज पाराशर, हैफेड के वीपी मलिक, एफसीआई के नवनीत कुमार राणा, पंकज बतरा मौजूद रहे।
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इस तरह होगी नमी वाली फसल में कटौती
अशोक खेमका ने कहा कि 17 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर व्यापारी धान की खरीद नहीं कर रहे हैं। इसकी शिकायत मिल रही थी। अब सरकार ने विशेष कमेटी में धान खरीद का यह फार्मूला निकाला है कि अब 17 प्रतिशत नमी वाले धान को ही एमएसपी पर खरीदा जाएगा। नमीं 18 प्रतिशत हुई तो एक प्रतिशत कटौती यानी 15 रुपये 10 पैसे प्रति क्विंटल कटौती के साथ खरीद होगी। इसी प्रकार 19 प्रतिशत नमी होने पर 2 प्रतिशत यदि 30 रुपये 20 पैसे कटौती के साथ खरीद होगी। 20 प्रतिशत नमी होने पर 3 प्रतिशत यानी 45 रुपये 30 पैसे प्रति क्विंटल के साथ कटौती की जाएगी। 21 प्रतिशत नमी होने पर 4 प्रतिशत यानी 60 रुपये 40 पैसे प्रति क्विंटल कटौती के साथ खरीद होगी। उन्होंने बताया कि इस फैसले के अनुसार 22 प्रतिशत से अधिक नमी वाली धान की खरीद नहीं की जाएगी।
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मंडी में रहै कै हाम तो बीमार होग्ये
अशोमा खेमका जिस समय उचाना की अनाज मंडी में किसानों से रूबरू हो रहे थे, इसी दौरान राजकुमार नामक एक किसान ने खेमका से धान की खरीद शुरू करवाने की फरियाद लगाते हुए कहा कि हाम तो कई दिनैं तै मंडी में पड़े हां और याड़ै पड़े-पड़े बीमार होग्ये। खेमका ने किसानों को आश्वस्त किया कि जल्द ही धान की खरीद शुरू करवाई जाएगी।
बारदाने पर होगी स्वर्ण जयंती वर्ष की मोहर
खेमका ने कहा कि बारदाने का पर्याप्त स्टॉक रखें। राज्य सरकार स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही है। यह निर्णय लिया गया है कि बारदानें पर स्वर्ण जयंती का लोगों छापा जाना चाहिए।