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Jind News: घर में मन नहीं लगा तो खोला कंप्यूटर सेंटर
Thu, 10 Jul 2025 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 10 Jul 2025 12:23 AM IST
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09जेएनडी36: मोनिका शर्मा। स्वयं
जींद। सफीदों निवासी मोनिका का पति के ड्यूटी पर जाने के बाद घर पर समय व्यतीत नहीं होता था। इसके चलते उन्होंने समाज सेवा का निर्णय लिया। उन्होंने इसके लिए जरूरतमंदों के लिए सिलाई सेंटर शुरू किया। इसके बाद ब्यूटी पार्लर व कंप्यूटर सेंटर भी शुरू कर दिया। यहां पर आने वाले प्रशिक्षकों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया।
मोनिका पिछले चार साल से शहर में यह तीन सेंटर चला रही है। इसमें निशुल्क सिलाई और ब्यूटी पार्लर का काम सीखने वाली युवतियों को रोजगार भी दे रहीं हैं। जो युवती इन दोनों कार्यों में दक्षता हासिल करती हैं। उनको वह अपने अलग से चल रहे बूटीक व पार्लर पर नौकरी पर भी रखती हैं। इससे उनके घर का गुजारा चलता है।
मोनिका ने अपना और निशुल्क चल रहे इन सेंटरों को चलाने का खर्च निकालने के लिए अलग से बूटीक चलाया हुआ है। जहां पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली लड़कियों को रोजगार भी दिया जाता है। अब तक 50 से ज्यादा युवतियों को रोजगार दिया और 20 के लगभग युवतियों के सिलाई व ब्यूटी पार्लर शहर व आसपास के गांवों में चल रहे हैं।
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स्कूल व कॉलेज की छुट्टियों के समय तो इन सेंटरों पर सीखने वाली युवतियों की संख्या 50 से ज्यादा हो जाती है। जबकि सामान्य तौर पर 20 के लगभग युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं। उन्होंने बताया कि अब तक पार्लर और सिलाई का 300 से ज्यादा युवतियों को प्रशिक्षण दिया है। कंप्यूटर सेंटर पर वह टैली व बेसिक प्रशिक्षण दे रहीं हैं। इनके लिए उन्होंने एक प्रशिक्षक रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि व वूमेन इरा फाउंडेशन से भी जुड़ी हैं। इन सेंटरों को चलाने के लिए इस संस्था का भी सहयोग रहता है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना बना लक्ष्य
वह सेंटर चलाकर जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। इससे उनके मन को खुशी तो मिलती ही है। साथ ही महिलाओं को मिलने वाले रोजगार से उनका परिवार चलता है। इसमें उनका परिवार भी उनका सहयोग कर रहा है। महिलाएं अगर घर से निकलकर कुछ करना चाहे तो वह नौकरी से बेहतर रोजगार सिलाई व पार्लर के माध्यम से कर सकती हैं।
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मोनिका पिछले चार साल से शहर में यह तीन सेंटर चला रही है। इसमें निशुल्क सिलाई और ब्यूटी पार्लर का काम सीखने वाली युवतियों को रोजगार भी दे रहीं हैं। जो युवती इन दोनों कार्यों में दक्षता हासिल करती हैं। उनको वह अपने अलग से चल रहे बूटीक व पार्लर पर नौकरी पर भी रखती हैं। इससे उनके घर का गुजारा चलता है।
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मोनिका ने अपना और निशुल्क चल रहे इन सेंटरों को चलाने का खर्च निकालने के लिए अलग से बूटीक चलाया हुआ है। जहां पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली लड़कियों को रोजगार भी दिया जाता है। अब तक 50 से ज्यादा युवतियों को रोजगार दिया और 20 के लगभग युवतियों के सिलाई व ब्यूटी पार्लर शहर व आसपास के गांवों में चल रहे हैं।
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स्कूल व कॉलेज की छुट्टियों के समय तो इन सेंटरों पर सीखने वाली युवतियों की संख्या 50 से ज्यादा हो जाती है। जबकि सामान्य तौर पर 20 के लगभग युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं। उन्होंने बताया कि अब तक पार्लर और सिलाई का 300 से ज्यादा युवतियों को प्रशिक्षण दिया है। कंप्यूटर सेंटर पर वह टैली व बेसिक प्रशिक्षण दे रहीं हैं। इनके लिए उन्होंने एक प्रशिक्षक रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि व वूमेन इरा फाउंडेशन से भी जुड़ी हैं। इन सेंटरों को चलाने के लिए इस संस्था का भी सहयोग रहता है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना बना लक्ष्य
वह सेंटर चलाकर जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। इससे उनके मन को खुशी तो मिलती ही है। साथ ही महिलाओं को मिलने वाले रोजगार से उनका परिवार चलता है। इसमें उनका परिवार भी उनका सहयोग कर रहा है। महिलाएं अगर घर से निकलकर कुछ करना चाहे तो वह नौकरी से बेहतर रोजगार सिलाई व पार्लर के माध्यम से कर सकती हैं।