{"_id":"6a46b2f082eed7f190074757","slug":"hydrogen-train-ran-to-rohtak-at-a-speed-of-110-km-per-hour-jind-news-c-199-1-sroh1006-156085-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: 110 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से रोहतक तक दौड़ी हाइड्रोजन ट्रेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: 110 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से रोहतक तक दौड़ी हाइड्रोजन ट्रेन
विज्ञापन
फोटो 02जेएनडी16-जींद-रोहतक के बीच दौड़ती हुई हाइड्रोजन ट्रेन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का वीरवार को जींद से रोहतक के बीच हाई-स्पीड ट्रायल हुआ। ट्रेन सुबह साढ़े नौ बजे जींद रेलवे स्टेशन से रवाना हुई और परीक्षण के दौरान इसे 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रोहतक तक दौड़ाया गया। शुक्रवार को जींद डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी के आने की संभावना है।
रेलवे अधिकारियों की निगरानी में हुए ट्रायल के दौरान ट्रेन के संचालन, गति, ब्रेकिंग सिस्टम, ट्रैक पर स्थिरता और अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान रेलवे सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध किए गए थे और संबंधित अधिकारी पूरे समय निगरानी करते रहे।
छह दिनों से हाइड्रोजन ट्रेन का हाई-स्पीड ट्रायल लगातार अलग-अलग रेलखंडों पर किया जा रहा है। इससे पहले जींद, सोनीपत, दिल्ली और अन्य रूटों पर विभिन्न गति से ट्रेन का परीक्षण किया जा चुका है। ट्रायल का उद्देश्य ट्रेन की तकनीकी क्षमता और विभिन्न परिस्थितियों में उसके प्रदर्शन का आकलन करना है।
विज्ञापन
अब तक हुए परीक्षण संतोषजनक रहे हैं। यदि आगामी ट्रायल भी सफल रहते हैं और सभी तकनीकी मानकों पर ट्रेन खरी उतरती है तो संबंधित एजेंसियों से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसे नियमित संचालन के लिए हरी झंडी मिल सकती है।
विज्ञापन
रेलवे अधिकारियों की निगरानी में हुए ट्रायल के दौरान ट्रेन के संचालन, गति, ब्रेकिंग सिस्टम, ट्रैक पर स्थिरता और अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान रेलवे सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध किए गए थे और संबंधित अधिकारी पूरे समय निगरानी करते रहे।
विज्ञापन
छह दिनों से हाइड्रोजन ट्रेन का हाई-स्पीड ट्रायल लगातार अलग-अलग रेलखंडों पर किया जा रहा है। इससे पहले जींद, सोनीपत, दिल्ली और अन्य रूटों पर विभिन्न गति से ट्रेन का परीक्षण किया जा चुका है। ट्रायल का उद्देश्य ट्रेन की तकनीकी क्षमता और विभिन्न परिस्थितियों में उसके प्रदर्शन का आकलन करना है।
विज्ञापन
अब तक हुए परीक्षण संतोषजनक रहे हैं। यदि आगामी ट्रायल भी सफल रहते हैं और सभी तकनीकी मानकों पर ट्रेन खरी उतरती है तो संबंधित एजेंसियों से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसे नियमित संचालन के लिए हरी झंडी मिल सकती है।