{"_id":"69a1f10aba4e1430b9045f7f","slug":"hydrogen-train-ran-at-a-speed-of-80-km-final-trial-may-take-place-today-jind-news-c-199-1-sroh1009-149205-2026-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: 80 किमी की रफ्तार से दौड़ी हाइड्रोजन ट्रेन, आज हो सकता है फाइनल ट्रायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: 80 किमी की रफ्तार से दौड़ी हाइड्रोजन ट्रेन, आज हो सकता है फाइनल ट्रायल
Sat, 28 Feb 2026 01:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 28 Feb 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
फोटो। सोनीपत के लिए रवाना होती हाइड्रोजन ट्रेन। संवाद
- फोटो : bishnah news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद/सोनीपत। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का तीसरे दिन भी जींद-सोनीपत के बीच ट्रायल हुआ। शुक्रवार को ट्रेन को बिना वाटर कैन के 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ाया गया। तकनीकी टीम ने हाइड्रोजन फ्यूल, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और स्पीड कंट्रोल जैसे पहलुओं की बारीकी से जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को ट्रेन का फाइनल ट्रायल हाे सकता है।
शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे ट्रेन सोनीपत के लिए रवाना की गई। ट्रायल के दौरान ट्रेन को पांडु-पिंडारा स्टेशन से भंभेवा स्टेशन तक चलाया गया। फिर यहां विभिन्न तकनीकी मानकों की जांच की गई।
भंभेवा से पांडु पिंडारा के बीच ट्रेन का एक चक्कर लगवाया गया। ट्रेन शाम लगभग 5 बजे सोनीपत पहुंची। वापसी में 5:35 बजे ट्रेन जींद के लिए रवाना हुई।
अलग-अलग स्पीड लेवल पर हुई टेस्टिंग
सोनीपत। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन की मल्टीलेवल टीम ट्रेन की अधिकतम रफ्तार, ईंधन खपत, सिग्नल सिस्टम के साथ तालमेल और आपातकालीन स्थितियों में प्रतिक्रिया की जांच कर रही है। पिछले तीन दिन से अलग-अलग स्पीड लेवल पर ट्रेन की टेस्टिंग की जा रही है। पहले दिन डीजल इंजन के साथ ट्रेन चली थी, अब पूरी तरह से हाइड्रोजन से फर्राटा भर रही है। टीम के मुताबिक, एक दिन पहले एक डिब्बे में 10 से 15 लीटर के 35 पानी के कैन रखे गए थे। हर डिब्बे में सेंसर लगाकर एक जगह कंट्रोल रूम बनाया गया था।
विज्ञापन
सोनीपत में युवाओं को ट्रेन में चढ़ने की कोशिश पर रोका
सोनीपत। शुक्रवार की शाम पांच बजे प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर जींद जाने वाली गाड़ी तैयार थी। पांच नंबर प्लेटफार्म पर जैसे ही हाइड्रोजन ट्रेन पहुंची कुछ युवाओं ने इस पर चढ़ने की कोशिश की। हालांकि, ट्रेन में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने चढ़ना तो दूर किसी को पास भी नहीं आने दिया।
विज्ञापन
शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे ट्रेन सोनीपत के लिए रवाना की गई। ट्रायल के दौरान ट्रेन को पांडु-पिंडारा स्टेशन से भंभेवा स्टेशन तक चलाया गया। फिर यहां विभिन्न तकनीकी मानकों की जांच की गई।
विज्ञापन
भंभेवा से पांडु पिंडारा के बीच ट्रेन का एक चक्कर लगवाया गया। ट्रेन शाम लगभग 5 बजे सोनीपत पहुंची। वापसी में 5:35 बजे ट्रेन जींद के लिए रवाना हुई।
अलग-अलग स्पीड लेवल पर हुई टेस्टिंग
सोनीपत। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन की मल्टीलेवल टीम ट्रेन की अधिकतम रफ्तार, ईंधन खपत, सिग्नल सिस्टम के साथ तालमेल और आपातकालीन स्थितियों में प्रतिक्रिया की जांच कर रही है। पिछले तीन दिन से अलग-अलग स्पीड लेवल पर ट्रेन की टेस्टिंग की जा रही है। पहले दिन डीजल इंजन के साथ ट्रेन चली थी, अब पूरी तरह से हाइड्रोजन से फर्राटा भर रही है। टीम के मुताबिक, एक दिन पहले एक डिब्बे में 10 से 15 लीटर के 35 पानी के कैन रखे गए थे। हर डिब्बे में सेंसर लगाकर एक जगह कंट्रोल रूम बनाया गया था।
विज्ञापन
सोनीपत में युवाओं को ट्रेन में चढ़ने की कोशिश पर रोका
सोनीपत। शुक्रवार की शाम पांच बजे प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर जींद जाने वाली गाड़ी तैयार थी। पांच नंबर प्लेटफार्म पर जैसे ही हाइड्रोजन ट्रेन पहुंची कुछ युवाओं ने इस पर चढ़ने की कोशिश की। हालांकि, ट्रेन में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने चढ़ना तो दूर किसी को पास भी नहीं आने दिया।