{"_id":"6a9733b72fc5c4314b052eec","slug":"hpv-vaccination-of-adolescent-girls-is-very-important-sdm-jind-news-c-199-1-jnd1012-159481-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण करवाना बेहद जरूरी : एसडीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण करवाना बेहद जरूरी : एसडीएम
विज्ञापन
1 सफीदों 3अधिकारियों की बैठक लेते हूं एसडीएम पुलकित मल्होत्रा। स्रोत लोक संपर्क विभाग
सफीदों। लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित एचपीवी एवं एनीमिया समन्वय समिति की समीक्षा बैठक में मंगलवार को एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बच्चों और किशोर-किशोरियों में एनीमिया की समस्या को दूर करने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग आपसी तालमेल से विशेष जागरूकता अभियान चलाएं।
अभिभावकों और बच्चों को एनीमिया के कारण, लक्षण, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों की सरल भाषा में जानकारी दी जाए ताकि समय रहते बीमारी की पहचान कर उपचार और रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि एनीमिया से प्रभावित बच्चों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही अब तक कितने बच्चों को एनीमिया से मुक्त किया गया है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए।
विज्ञापन
एसडीएम ने कहा कि एनीमिया के कारण बच्चों में कमजोरी, थकान और चक्कर आने के साथ पढ़ाई व दैनिक गतिविधियों में एकाग्रता की कमी हो सकती है। इसका असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी पड़ता है। इसलिए स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सार्वजनिक माध्यमों से बच्चों व अभिभावकों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा करते हुए कहा कि 14 और 15 वर्ष की किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण करवाना अत्यंत आवश्यक है। पात्र किशोरियों और उनके अभिभावकों को टीके के महत्व की जानकारी दी जाए।
टीकाकरण को लेकर किसी भी भ्रांति या संकोच को दूर करने के लिए सही एवं प्रमाणित जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में एसएमओ डॉ. अरुण, डॉ. प्रीति मित्तल, डॉ. सुनील, डॉ. नवीन, जिला परियोजना कोऑर्डिनेटर किशोर शर्मा, बीईओ सुरेश मलिक, सीडीपीओ सुलोचना कुंडू, एएफएसओ मोहित भाटिया मौजूद रहे।
विज्ञापन
अभिभावकों और बच्चों को एनीमिया के कारण, लक्षण, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों की सरल भाषा में जानकारी दी जाए ताकि समय रहते बीमारी की पहचान कर उपचार और रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
विज्ञापन
उन्होंने निर्देश दिए कि एनीमिया से प्रभावित बच्चों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही अब तक कितने बच्चों को एनीमिया से मुक्त किया गया है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए।
विज्ञापन
एसडीएम ने कहा कि एनीमिया के कारण बच्चों में कमजोरी, थकान और चक्कर आने के साथ पढ़ाई व दैनिक गतिविधियों में एकाग्रता की कमी हो सकती है। इसका असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी पड़ता है। इसलिए स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सार्वजनिक माध्यमों से बच्चों व अभिभावकों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा करते हुए कहा कि 14 और 15 वर्ष की किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण करवाना अत्यंत आवश्यक है। पात्र किशोरियों और उनके अभिभावकों को टीके के महत्व की जानकारी दी जाए।
टीकाकरण को लेकर किसी भी भ्रांति या संकोच को दूर करने के लिए सही एवं प्रमाणित जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में एसएमओ डॉ. अरुण, डॉ. प्रीति मित्तल, डॉ. सुनील, डॉ. नवीन, जिला परियोजना कोऑर्डिनेटर किशोर शर्मा, बीईओ सुरेश मलिक, सीडीपीओ सुलोचना कुंडू, एएफएसओ मोहित भाटिया मौजूद रहे।