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पढ़ाई के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करें छात्राएं : बलवान सिंह
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फोटो 15जेएनडी09-सरला मेमोरियल राजकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं।
सफीदों। सरला मेमोरियल राजकीय कन्या महाविद्यालय में मंगलवार को प्रथम वर्ष में नवप्रवेशित छात्राओं के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, सुविधाओं, नियमों, गतिविधियों और उपलब्ध अवसरों से परिचित करवाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. बलवान सिंह ने की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं है बल्कि छात्राओं के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना भी है। उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन के साथ सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महाविद्यालय के विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संसाधनों, परिसर में उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गई। छात्राओं को अपनी रुचि और प्रतिभा पहचानकर उन्हें उचित मंच पर निखारने के लिए भी प्रेरित किया गया।
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प्राचार्य ने कहा कि अनुशासन, नियमितता, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास सफलता की आधारशिला हैं। छात्राएं महाविद्यालय की गरिमापूर्ण परंपराओं को बनाए रखें, शिक्षकों का सम्मान करें और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाएं। प्रत्येक छात्रा में असीम संभावनाएं हैं और मेहनत व उचित मार्गदर्शन से वे परिवार, महाविद्यालय और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. बलवान सिंह ने की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं है बल्कि छात्राओं के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना भी है। उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन के साथ सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
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कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महाविद्यालय के विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संसाधनों, परिसर में उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गई। छात्राओं को अपनी रुचि और प्रतिभा पहचानकर उन्हें उचित मंच पर निखारने के लिए भी प्रेरित किया गया।
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प्राचार्य ने कहा कि अनुशासन, नियमितता, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास सफलता की आधारशिला हैं। छात्राएं महाविद्यालय की गरिमापूर्ण परंपराओं को बनाए रखें, शिक्षकों का सम्मान करें और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाएं। प्रत्येक छात्रा में असीम संभावनाएं हैं और मेहनत व उचित मार्गदर्शन से वे परिवार, महाविद्यालय और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं।