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Jind News: कैसे हो सुगम सफर... सड़कों पर रिफ्लेक्टर व कैट आई गायब
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जींद। शहर की प्रमुख सड़कों से सफेद पट्टी, कैट आई और रिफलेक्टर गायब हैं। अब नवंबर के बाद दिसंबर में भी गहरी धुंध पड़ने के आसार हैं। धुंंध में वाहन चालक सड़कों पर कैट आई और रिफलेक्टर की मदद से वाहन चलाते हैं। सड़क पर सफेद पट्टी न होने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। पिछले दस दिनों से सर्दी शुरू हो चुकी है। सड़कों पर संकेतक न होने के कारण धुंध में वाहन चालकों का चलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। वहीं, कई रोडवेज बसों पर भी रिफलेक्टर नहीं लगाए गए हैं। इसके कारण यात्रियों को सफर के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। धुंध के मौसम में नेशनल हाईवे पर भी सफर सुरक्षित नहीं है। दिल्ली-संगरूर नेशनल हाईवे पर सफेद पट्टी धुंधली हो गई है या फिर कई जगह मिट भी गई है। हाईवे पर नो पार्किंग में वाहन खड़े रहते हैं। टोल परिसर की पीली पट्टियां गायब हैं। हाईवे के पुलों पर कई जगह स्ट्रीट लाइट लंबे समय से बंद पड़ी हैं।
बॉक्स
सड़कों के साथ-साथ शहर की सड़कों पर नहीं कैट आई
कई मुख्य चौक पर कैट आई नहीं है। इससे हादसों की आशंका रहती है। पिंडारा पुल, सफीदों पुल, लघु सचिवालय चौक, पुरानी बस अड्डा, पटियाला चौक, सीआरएसयू के सामने कैट आई नहीं लगाई गई है। हालांकि, इन जगहों से दिन-रात वाहन दौड़ते हैं। अब धुंध में रात के समय कैट आई से चालकों को बहुत फायदा मिलता है। उन्हें कैट आई रास्ता भी दिखाती है और हादसे का अंदेशा भी कम रहता है, लेकिन अधिकारियों को चाहिए कि हादसों को रोकने के लिए लंबे मार्गों के साथ-साथ शहर में मुख्य चौक पर भी कैट आई लगाई जानी चाहिए, जिससे कि यात्रियों को आवागमन में कोई परेशानी न हो।
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सफीदों रोड पर सबसे ज्यादा हादसों की आशंका
शहर से गुजरने वाला सफीदों रोड हादसों के मामले में खतरनाक जोन में हैं क्योंकि इस सड़क के बीच में डिवाइडर नहीं है। वहीं, इस सड़क के बीचों-बीच बिजली के पोल लगे हैं, जो हर समय हादसे को न्योता देते रहते हैं। अब धुंध का समय आ गया है। धुंध के बीच वाहन चालकों को बिजली के पोल दिखाई नहीं देंगे, जिससे वाहन चालक हादसों का शिकार होंगे। इस सड़क का लेवल भी सही नहीं है। बीच में डिवाइडर नहीं होने के चलते वाहन चालक एक-दूसरे से आगे निकालने के चक्कर में दूसरे लेन से वाहन निकाल ले जाते हैं।
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वर्जन
मुख्य मार्गों के साथ-साथ शहर की सड़कों पर भी आई कैट और रिफलेक्टर लगाने का कार्य जारी है। धुंध के मौसम से पहले शहर के मुख्य चौकों पर भी आई कैट लगा दी जाएगी, जिससे वाहन चालकों को धुंध में राहत मिलेगी।
-आरके नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर जींद
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सड़कों के साथ-साथ शहर की सड़कों पर नहीं कैट आई
कई मुख्य चौक पर कैट आई नहीं है। इससे हादसों की आशंका रहती है। पिंडारा पुल, सफीदों पुल, लघु सचिवालय चौक, पुरानी बस अड्डा, पटियाला चौक, सीआरएसयू के सामने कैट आई नहीं लगाई गई है। हालांकि, इन जगहों से दिन-रात वाहन दौड़ते हैं। अब धुंध में रात के समय कैट आई से चालकों को बहुत फायदा मिलता है। उन्हें कैट आई रास्ता भी दिखाती है और हादसे का अंदेशा भी कम रहता है, लेकिन अधिकारियों को चाहिए कि हादसों को रोकने के लिए लंबे मार्गों के साथ-साथ शहर में मुख्य चौक पर भी कैट आई लगाई जानी चाहिए, जिससे कि यात्रियों को आवागमन में कोई परेशानी न हो।
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सफीदों रोड पर सबसे ज्यादा हादसों की आशंका
शहर से गुजरने वाला सफीदों रोड हादसों के मामले में खतरनाक जोन में हैं क्योंकि इस सड़क के बीच में डिवाइडर नहीं है। वहीं, इस सड़क के बीचों-बीच बिजली के पोल लगे हैं, जो हर समय हादसे को न्योता देते रहते हैं। अब धुंध का समय आ गया है। धुंध के बीच वाहन चालकों को बिजली के पोल दिखाई नहीं देंगे, जिससे वाहन चालक हादसों का शिकार होंगे। इस सड़क का लेवल भी सही नहीं है। बीच में डिवाइडर नहीं होने के चलते वाहन चालक एक-दूसरे से आगे निकालने के चक्कर में दूसरे लेन से वाहन निकाल ले जाते हैं।
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मुख्य मार्गों के साथ-साथ शहर की सड़कों पर भी आई कैट और रिफलेक्टर लगाने का कार्य जारी है। धुंध के मौसम से पहले शहर के मुख्य चौकों पर भी आई कैट लगा दी जाएगी, जिससे वाहन चालकों को धुंध में राहत मिलेगी।
-आरके नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर जींद