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बिना पुस्तकों के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी कैसे देंगे मूल्यांकन परीक्षाएं
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सुशील कुमार जैन। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। सरकारी स्कूलों में पहली अगस्त से मूल्यांकन परीक्षाएं शुरू होंगी। विद्यार्थी मूल्यांकन परीक्षाएं कैसे देंगे, क्योंकि उनके पास अभी तक किताबें ही नहीं हैं। शिक्षा विभाग द्वारा केवल अभी तक सातवीं और आठवीं कक्षा की ही किताबें उपलब्ध करवाई गई हैं जबकि पहली से छठी कक्षा तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। शिक्षा सत्र शुरू हुए चार माह हो गए लेकिन बिना किताबों के मूल्यांकन परीक्षाएं देना विद्यार्थियों के लिए असंभव सा दिखाई देता है।
शिक्षा विभाग की तरफ से मूल्यांकन परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इसके तहत एक से चार अगस्त तक तीसरी से पांचवीं, एक से छह अगस्त तक छठी से दसवीं, 22 से 31 अगस्त तक 11वीं तथा एक से दस अगस्त तक 12वीं कक्षा की मूल्यांकन परीक्षाएं ली जाएंगी। जिले के विभिन्न राजकीय स्कूलों में कक्षा पहली और आठवीं कक्षा के 70 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। किताबों के आने से पहले ही मूल्यांकन परीक्षाएं शुरू होने से विद्यार्थी चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें बिना तैयारी किए मूल्यांकन परीक्षाएं देनी होंगी। विद्यार्थियों का बौद्धिक स्तर जानने के लिए मूल्यांकन परीक्षाएं ली जाती हैं। वहीं राजकीय स्कूलों में पढने वाले कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को विभाग निशुल्क किताबें भी देता है।
छुट्टियों में किताबें मिलने की उम्मीद में खुले रहे स्कूल
शिक्षा निदेशालय की ओर से ग्रीष्मकालीन अवकाश तक किताबें पहुंचाने संबंधी पत्र जारी किया गया था, जिसमें अध्यापकों को 30 जून तक शाम पांच बजे तक स्कूल खोलने के निर्देश दिए गए थे। प्रभारियों ने आदेशानुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश में शाम पांच बजे तक स्कूल खोले गए, लेकिन पुस्तकें नहीं पहुंची। जुलाई माह भी खत्म हो गया लेकिन किताबों का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा।
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किताबें विभाग की ओर से सीधे स्कूलों में पहुंचाई जा रही हैं। उम्मीद है एक-दो दिन में किताबें पहुंच जाएंगी। स्कूलों में पीडीएफ के माध्यम से विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम भी पूरा कराया जा रहा है।
-सुशील कुमार जैन, खंड शिक्षा अधिकारी।
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शिक्षा विभाग की तरफ से मूल्यांकन परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इसके तहत एक से चार अगस्त तक तीसरी से पांचवीं, एक से छह अगस्त तक छठी से दसवीं, 22 से 31 अगस्त तक 11वीं तथा एक से दस अगस्त तक 12वीं कक्षा की मूल्यांकन परीक्षाएं ली जाएंगी। जिले के विभिन्न राजकीय स्कूलों में कक्षा पहली और आठवीं कक्षा के 70 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। किताबों के आने से पहले ही मूल्यांकन परीक्षाएं शुरू होने से विद्यार्थी चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें बिना तैयारी किए मूल्यांकन परीक्षाएं देनी होंगी। विद्यार्थियों का बौद्धिक स्तर जानने के लिए मूल्यांकन परीक्षाएं ली जाती हैं। वहीं राजकीय स्कूलों में पढने वाले कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को विभाग निशुल्क किताबें भी देता है।
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छुट्टियों में किताबें मिलने की उम्मीद में खुले रहे स्कूल
शिक्षा निदेशालय की ओर से ग्रीष्मकालीन अवकाश तक किताबें पहुंचाने संबंधी पत्र जारी किया गया था, जिसमें अध्यापकों को 30 जून तक शाम पांच बजे तक स्कूल खोलने के निर्देश दिए गए थे। प्रभारियों ने आदेशानुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश में शाम पांच बजे तक स्कूल खोले गए, लेकिन पुस्तकें नहीं पहुंची। जुलाई माह भी खत्म हो गया लेकिन किताबों का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा।
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किताबें विभाग की ओर से सीधे स्कूलों में पहुंचाई जा रही हैं। उम्मीद है एक-दो दिन में किताबें पहुंच जाएंगी। स्कूलों में पीडीएफ के माध्यम से विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम भी पूरा कराया जा रहा है।
-सुशील कुमार जैन, खंड शिक्षा अधिकारी।