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Jind News: तीन दिन बाद खुला अस्पताल, ओपीडी पहुंची 2 हजार पार
Wed, 21 Aug 2024 01:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 21 Aug 2024 01:05 AM IST
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20जेएनडी38 : नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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जींद। तीन दिन की छुट्टी के बाद खुले नागरिक अस्पताल में मंगलवार को मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। मंगलवार को ओपीडी दो हजार से ज्यादा रही। अधिक मरीज होने के कारण काफी अव्यवस्था का माहौल रहा। सिविल सर्जन ने खुद अस्पताल का दौरा कर व्यवस्था संभाली। चिकित्सकों की ओपीडी के बाहर 2 बजे तक मरीजों की लाइन लगी रही।
नागरिक अस्पताल सुबह 8 बजे खुलता है। सुबह आठ बजे ही यहां मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। पहले तो पंजीकरण खिड़की पर मरीजों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद चिकित्सकों की ओपीडी के बाहर भी उनको लाइन लगानी पड़ी। मरीज चिकित्सक को दिखाने के बाद लैब में जांच करवाने पहुंचे और रिपोर्ट आने के बाद फिर से ओपीडी में पहुंचे। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण काफी समय लग रहा था। चिकित्सकों को भी अधिक मरीज देखने पड़े। 2 बजे ओपीडी की छुट्टी हो जाती है, लेकिन इसके बाद भी चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज किया। औसतन अस्पताल में ओपीडी 1500 के आसपास रहती है। यदि छुट्टी हो जाए तो इसकी संख्या बढ़ जाती है। रविवार व सोमवार को रक्षाबंधन की छुट्टी होने से तीसरे दिन अस्पताल में काफी मरीज पहुंचे थे। सबसे ज्यादा भीड़ फिजीशियन, सर्जरी, मानसिक रोग विशेषज्ञ तथा गायनी वार्ड के बाहर थी।
छुट्टी के बाद अस्पताल खुलने से मरीजों की संख्या कुछ बढ़ जाती है। किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं हुई है। सभी मरीजों का इलाज किया गया था। चिकित्सकों को सभी मरीजों का इलाज करने के बाद ही ओपीडी छोड़ने के निर्देश दिए गए थे। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन
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नागरिक अस्पताल सुबह 8 बजे खुलता है। सुबह आठ बजे ही यहां मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। पहले तो पंजीकरण खिड़की पर मरीजों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद चिकित्सकों की ओपीडी के बाहर भी उनको लाइन लगानी पड़ी। मरीज चिकित्सक को दिखाने के बाद लैब में जांच करवाने पहुंचे और रिपोर्ट आने के बाद फिर से ओपीडी में पहुंचे। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण काफी समय लग रहा था। चिकित्सकों को भी अधिक मरीज देखने पड़े। 2 बजे ओपीडी की छुट्टी हो जाती है, लेकिन इसके बाद भी चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज किया। औसतन अस्पताल में ओपीडी 1500 के आसपास रहती है। यदि छुट्टी हो जाए तो इसकी संख्या बढ़ जाती है। रविवार व सोमवार को रक्षाबंधन की छुट्टी होने से तीसरे दिन अस्पताल में काफी मरीज पहुंचे थे। सबसे ज्यादा भीड़ फिजीशियन, सर्जरी, मानसिक रोग विशेषज्ञ तथा गायनी वार्ड के बाहर थी।
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छुट्टी के बाद अस्पताल खुलने से मरीजों की संख्या कुछ बढ़ जाती है। किसी भी मरीज को कोई परेशानी नहीं हुई है। सभी मरीजों का इलाज किया गया था। चिकित्सकों को सभी मरीजों का इलाज करने के बाद ही ओपीडी छोड़ने के निर्देश दिए गए थे। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन

20जेएनडी38 : नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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