जींद। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव बराह कलां में रैपिड फीवर मास सर्वे चलाकर घर-घर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। सर्वे का उद्देश्य बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर समय पर जांच करवाना और मलेरिया, डेंगू समेत अन्य मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना रहा। बुखार से पीड़ित पाए गए लोगों की रक्त पट्टिका भी बनाई गई। सुपरवाइजर तेजवीर सिंह और विजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में चलाए गए सर्वे में एमपीएचडब्ल्यू संत कुमार, जितेंद्र सैनी, सोनू, अमित और जिंकि ने घर-घर जाकर लोगों से पिछले दिनों बुखार, ठंड लगने, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षणों की जानकारी ली। संदिग्ध मामलों की पहचान कर आवश्यक जांच के लिए प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कूलर, गमले, पानी की टंकियों, पुराने टायर और टूटे बर्तनों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। पानी की टंकियों को ढककर रखने और कूलर का पानी नियमित रूप से खाली कर सफाई करने की सलाह दी गई। जितेंद्र सैनी और संत कुमार ने कहा कि मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए व्यक्तिगत सावधानी भी जरूरी है। संवाद