फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Haryana: Employees united in Jind, demanding restoration of OPS

Haryana: जींद में एकजुट हुए कर्मचारी, OPS बहाली की मांग, रैली में पहुंचे दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने दिया समर्थन

Sun, 11 Feb 2024 04:44 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 11 Feb 2024 04:44 PM IST
सार

रैली में कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी पहुंचे। उन्होंने पुरानी पेंशन स्कीम के समर्थन का एलान किया। कहा कि कांग्रेस सरकार बनते ही OPS लागू होगी। धारीवाल ने कहा कि अभी नहीं तो कभी नहीं, पुरानी पेंशन बहाली हर हाल में लेकर रहेंगे। भीड़ के हिसा से स्टेडियम छोटा पड़ गया।

विज्ञापन
Haryana: Employees united in Jind, demanding restoration of OPS
जींद में पहुंचे कर्मचारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के जींद में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर एकलव्य स्टेडियम में रविवार को संकल्प महारैली का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेशभर से हजारों की संख्या में कर्मचारियों व अधिकारियो ने भाग लिया। रैली में भीड़ इतनी अधिक थी कि एकलव्य स्टेडियम छोटा पड़ गया। 
विज्ञापन


पुरानी पेंशन बहाली के लिए बनाई गई संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनूप लाठर, वजीर गांगोली और जोगेंद्र लोहान ने कहा कि अभी नहीं तो कभी नहीं। इस बार कर्मचारियों की एकजुटता को देखकर लगता है कि पुरानी पेंशन बहाली लागू करवाकर ही दम लेंगे।
विज्ञापन


प्रदेशभर से कर्मचारियों ने इस रैली में भाग लिया। समिति के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जसमेर पूनिया ने बताया कि वह छह फरवरी को चंडीगढ़ से पैदल चले थे। आज सभी जगह निमंत्रण देते हुए रैली में पहुंचे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले साल जून में कर्मचारियों ने ओपीएस को लेकर जागरूकता साइकिल यात्रा निकाली थी और एक अक्तूबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कर्मचारियों ने रैली की थी। इसमें भी काफी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया था। धारीवाल ने कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास का नारा दे रही है।


लेकिन, कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। यदि कोई भी नेता चाहे वह एक दिन के लिए भी विधायक या सांसद चुना जाता है तो वह पेंशन लेने का हकदार है। जितनी बार वह विधायक या सांसद बनेगा, उतनी ही उसकी पेंशन बनेंगी, लेकिन कर्मचारी अपना पूरा जीवन सरकारी सेवा में जनता को समर्पित करता है। फिर भी उसे कुछ नहीं मिल रहा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed