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रामलीला मंचन : समुद्र को लांघकर अशोक वाटिका में पहुंचे हनुमान
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रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : Jind
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नरवाना। हुडा ग्राउंड में रामा भारतीय कला केंद्र द्वारा आयोजित रामलीला के सातवें दिन रामभक्त हनुमान की अद्भुत लीलाओं का मंचन किया गया। इस दौरान हनुमान भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से समुद्र पार कर लंका पहुंच गए।
रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनीता गोयल ने किया। कार्यक्रम में महेंद्र गोयल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता बिजेंद्र सिंह सुरजेवाला व चौधरी जगरूप सिंह सुरजेवाला व सुशील कौशिक एडवोकेट मौजूद रहे।
रामलीला मंचन के सातवें दिन के प्रसंगों में भिलनी उद्धार, राम-सुग्रीव मित्रता, बाली-सुग्रीव युद्ध, बाली वध, सीता की खोज, हनुमान का लंका पहुंचना प्रमुख रहे। बाली को मृत्यु दंड पश्चात हनुमान व अन्य सेना माता सीता की खोज में चारों दिशाओं में चले जाते हैं। दक्षिण दिशा में जटायु के भाई संपाति द्वारा सूचना दी गई कि सीता रावण द्वारा अशोक वाटिका में बंदी बनाई गई हैं। महाबली हनुमान राम द्वारा दी गई अंगूठी लेकर समुद्र को लांघकर अशोक वाटिका पहुंचते हैं। रावण की भूमिका में वेद अरोड़ा, भिलनी की भूमिका में शमशेर गोस्वामी, सुग्रीव की भूमिका में प्रेम अरोड़ा, बाली की भूमिका में रामदास, महाबली हनुमान की भूमिका में मनजीत गोरा, अंगद की भूमिका में अमन वर्मा, जटायु की भूमिका में कमल मोयल ने शानदार अभिनय किया। श्री रामा भारतीय कला के प्रधान भारतभूषण गर्ग ने बताया कि सभी कलाकारों को बहुत ही आकर्षक व सुसज्जित ढंग से तैयार करने में परिधान निर्देशक विनोद चितारा ने बखूबी अपने हुनर का परिचय दिया।
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रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनीता गोयल ने किया। कार्यक्रम में महेंद्र गोयल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता बिजेंद्र सिंह सुरजेवाला व चौधरी जगरूप सिंह सुरजेवाला व सुशील कौशिक एडवोकेट मौजूद रहे।
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रामलीला मंचन के सातवें दिन के प्रसंगों में भिलनी उद्धार, राम-सुग्रीव मित्रता, बाली-सुग्रीव युद्ध, बाली वध, सीता की खोज, हनुमान का लंका पहुंचना प्रमुख रहे। बाली को मृत्यु दंड पश्चात हनुमान व अन्य सेना माता सीता की खोज में चारों दिशाओं में चले जाते हैं। दक्षिण दिशा में जटायु के भाई संपाति द्वारा सूचना दी गई कि सीता रावण द्वारा अशोक वाटिका में बंदी बनाई गई हैं। महाबली हनुमान राम द्वारा दी गई अंगूठी लेकर समुद्र को लांघकर अशोक वाटिका पहुंचते हैं। रावण की भूमिका में वेद अरोड़ा, भिलनी की भूमिका में शमशेर गोस्वामी, सुग्रीव की भूमिका में प्रेम अरोड़ा, बाली की भूमिका में रामदास, महाबली हनुमान की भूमिका में मनजीत गोरा, अंगद की भूमिका में अमन वर्मा, जटायु की भूमिका में कमल मोयल ने शानदार अभिनय किया। श्री रामा भारतीय कला के प्रधान भारतभूषण गर्ग ने बताया कि सभी कलाकारों को बहुत ही आकर्षक व सुसज्जित ढंग से तैयार करने में परिधान निर्देशक विनोद चितारा ने बखूबी अपने हुनर का परिचय दिया।
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