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Jind News: स्त्री रोग विशेषज्ञ को लगी चोट, गर्भवती की बढ़ी परेशानी
Tue, 05 Mar 2024 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 05 Mar 2024 12:10 AM IST
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जींद। प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में डिलिवरी करवाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए सभी सिविल सर्जनों को पत्र भी जारी किए गए हैं, लेकिन चिकित्सकों के अभाव में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जींद का नागरिक अस्पताल भी इससे अछूता नहीं है।
जिले के एक मात्र सरकारी अस्पताल में नियुक्त महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका पूनिया को चोट लग गई है। इसके चलते उन्होंने चार दिन की छुट्टी ली हुई है। उनके छुट्टी पर जाने से मंगलवार से गर्भवती को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इस समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने फील्ड से महिला चिकित्सक की मांग की है।
नागरिक अस्पताल में डॉ. मंजू ओपीडी देखती हैं। यहां प्रतिदिन 300 के आसपास महिलाओं की जांच होती है। इतनी संख्या में गर्भवती की जांच में परेशानी होती है। इस कारण अस्पताल में लगभग दो बजे तक भी महिलाओं की लाइन लगी रहती है। वहीं दूसरी तरफ डिलिवरी के लिए भी एक महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका पूनिया हैं। प्रतिदिन अस्पताल में 10 से 12 महिलाओं की डिलिवरी होती है। इनमें से तीन से पांच महिलाओं का ऑपरेशन करना पड़ता है। यदि एक समय में दो से तीन महिलाओं का सिजेरियन करना होता है तो परेशानी बढ़ जाती है। इसके चलते दूसरी महिलाओं को इंतजार करना पड़ता है। जिले की आबादी लगभग 14 लाख के आसपास है। पूरे जिले के सरकारी अस्पतालों में केवल जींद के नागरिक अस्पताल में ही एक महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका पूनिया हैं। कई बार इमरजेंसी में रात को भी डिलिवरी के लिए डॉ. मोनिका पूनिया को अस्पताल पहुंचना पड़ता है। ऐसे में सरकारी सेवाओं में महिलाओं और खासकर गर्भवती महिलाओं की सिजेरियन से डिलिवरी करवाने और प्रसव के दौरान महिलाओं को सुरक्षित रखने का सारा दारोमदार डॉ. मोनिका पूनिया पर है। ऐसे में नागरिक अस्पताल में होने वाले सिजेरियन रामभरोसे हो गया है। अगर नागरिक अस्पताल की बात की जाए तो प्रत्येक माह एक हजार से अधिक डिलिवरी होती हैं। इनमें से 70 से 75 तक सिजेरियन डिलिवरी भी होती है। डिलिवरी को लेकर लोग सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं पर अधिक भरोसा करते हैं। यदि नागरिक अस्पताल में दो से तीन महिला रोग विशेषज्ञ हों तो प्रतिमाह डिलिवरी का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है और उन्हें रोहतक रेफर करने की नौबत नहीं आएगी।
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बाक्स
फील्ड से महिला चिकित्सक को लेकर डिमांड भेजी : पीएमओ
महिलाओं की डिलिवरी का पूरा कार्य डॉ. मोनिका पूनिया अकेले कर रही हैं। अगर रात को भी जरूरत के समय ऑपरेशन थिएटर में बुलाया जाता है तो वह आती हैं। हालांकि विशेष परिस्थितियों में किसी निजी महिला रोग विशेषज्ञ को भी बुलाने का प्रावधान है। अब डॉ. मोनिका ने हाथ पर चोट लगने की वजह से चार दिन की छुट्टी ली है। ऐसे में फील्ड से महिला चिकित्सक की डिमांड की गई है। महिला रोग विशेषज्ञ के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को मांग भेजी हुई है। -डॉ. जितेंद्र कादियान, पीएमओ नागरिक अस्पताल, जींद।
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जिले के एक मात्र सरकारी अस्पताल में नियुक्त महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका पूनिया को चोट लग गई है। इसके चलते उन्होंने चार दिन की छुट्टी ली हुई है। उनके छुट्टी पर जाने से मंगलवार से गर्भवती को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इस समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने फील्ड से महिला चिकित्सक की मांग की है।
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नागरिक अस्पताल में डॉ. मंजू ओपीडी देखती हैं। यहां प्रतिदिन 300 के आसपास महिलाओं की जांच होती है। इतनी संख्या में गर्भवती की जांच में परेशानी होती है। इस कारण अस्पताल में लगभग दो बजे तक भी महिलाओं की लाइन लगी रहती है। वहीं दूसरी तरफ डिलिवरी के लिए भी एक महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका पूनिया हैं। प्रतिदिन अस्पताल में 10 से 12 महिलाओं की डिलिवरी होती है। इनमें से तीन से पांच महिलाओं का ऑपरेशन करना पड़ता है। यदि एक समय में दो से तीन महिलाओं का सिजेरियन करना होता है तो परेशानी बढ़ जाती है। इसके चलते दूसरी महिलाओं को इंतजार करना पड़ता है। जिले की आबादी लगभग 14 लाख के आसपास है। पूरे जिले के सरकारी अस्पतालों में केवल जींद के नागरिक अस्पताल में ही एक महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका पूनिया हैं। कई बार इमरजेंसी में रात को भी डिलिवरी के लिए डॉ. मोनिका पूनिया को अस्पताल पहुंचना पड़ता है। ऐसे में सरकारी सेवाओं में महिलाओं और खासकर गर्भवती महिलाओं की सिजेरियन से डिलिवरी करवाने और प्रसव के दौरान महिलाओं को सुरक्षित रखने का सारा दारोमदार डॉ. मोनिका पूनिया पर है। ऐसे में नागरिक अस्पताल में होने वाले सिजेरियन रामभरोसे हो गया है। अगर नागरिक अस्पताल की बात की जाए तो प्रत्येक माह एक हजार से अधिक डिलिवरी होती हैं। इनमें से 70 से 75 तक सिजेरियन डिलिवरी भी होती है। डिलिवरी को लेकर लोग सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं पर अधिक भरोसा करते हैं। यदि नागरिक अस्पताल में दो से तीन महिला रोग विशेषज्ञ हों तो प्रतिमाह डिलिवरी का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है और उन्हें रोहतक रेफर करने की नौबत नहीं आएगी।
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फील्ड से महिला चिकित्सक को लेकर डिमांड भेजी : पीएमओ
महिलाओं की डिलिवरी का पूरा कार्य डॉ. मोनिका पूनिया अकेले कर रही हैं। अगर रात को भी जरूरत के समय ऑपरेशन थिएटर में बुलाया जाता है तो वह आती हैं। हालांकि विशेष परिस्थितियों में किसी निजी महिला रोग विशेषज्ञ को भी बुलाने का प्रावधान है। अब डॉ. मोनिका ने हाथ पर चोट लगने की वजह से चार दिन की छुट्टी ली है। ऐसे में फील्ड से महिला चिकित्सक की डिमांड की गई है। महिला रोग विशेषज्ञ के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को मांग भेजी हुई है। -डॉ. जितेंद्र कादियान, पीएमओ नागरिक अस्पताल, जींद।