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Jind News: गुरु ने अपने जुनून से बच्चों को दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान

Thu, 04 Sep 2025 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 04 Sep 2025 12:04 AM IST
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Guru got international recognition for the children through his passion
पिक - फोटो : संवाद
जींद। किसी व्यक्ति के जीवन में गुरु का दर्जा माता-पिता से भी बड़ा होता है। गुरु सही मार्गदर्शन और शिक्षा से बच्चों के भविष्य को बेहतर आकार दे सकते हैं और उन्हें एक कुशल मनुष्य बना सकते हैं। इसी का एक उदाहरण शिक्षक राजेश वशिष्ठ हैं। जिन्होंने अपनी लगन और मेहनत से बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
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राजेश वशिष्ठ जींद जिला कांबिंग के क्षेत्र में लगातार सत्रह वर्षों से श्रेष्ठता का परचम लहरा रहा है। उनकी कोशिशों ने वर्ष 2009 में 50 वर्ष 2010 में 120, वर्ष 2011, में 90 बच्चों को गोल्डन एरो अवार्ड दिलाया है।
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वर्ष 2012 में तो इन्होंने एक नया ही कीर्तिमान स्थापित कर दिया। हरियाणा प्रदेश को मिले 228 अवार्डों में से अकेले जींद ने 180 अवार्ड जीते। एक ही जिले ने लगभग 80 प्रतिशत पुरस्कारों पर कब्जा जमाया। वर्ष 2015 में 110 ,वर्ष 2016 में एक बार फिर से इतिहास बना डाला। पूरे हरियाणा से 74 बच्चों का चयन गोल्डन एरो अवार्ड में हुआ। सभी 74 बच्चे जिला जींद के थे।
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सौ प्रतिशत अवार्ड दिलवाकर एक बार फिर से अपनी मेहनत का सबूत दिया। वर्ष 2017 में 61 बच्चों को गोल्डन एरो अवार्ड मिला। पूरे हरियाणा में एक बार फिर से प्रथम स्थान रहा। वर्ष 2018 में एक बार फिर 65 कब और 13 बुलबुल को गोल्डन एरो अवार्ड मिले। इस असाधारण प्रदर्शन का पूरी तरह से जिले के जिला संगठन आयुक्त, (कब और बुलबुल) राजेश वशिष्ठ को जाता है।
कब और बुलबुल की गतिविधियों में अपने जिले को नई बुलंदियों तक पहुंचाने वाले राजेश वशिष्ठ को 6 अगस्त 2013 को हरियाणा के राज्यपाल महामहिम जगन्नाथ पहाडिया ने मैडल ऑफ मैरिट से सम्मानित किया। 5 सितम्बर 2014को राज्य शिक्षक पुरस्कार से महामहिम राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने सम्मानित किया।
2 मार्च 2016 व 24 मई 2018 को महामहिम राज्यपाल से प्रथम स्थान की शील्ड प्राप्त की। 10 सितंबर 2016 को रैडक्रॉस गतिविधियों में श्रेष्ट कार्य के कारण महामहिम राज्यपाल कप्तान सिंह सौलंकी ने मेरिट अवार्ड देकर सम्मानित किया।
गत वर्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी बुलबुल लड़कियों सहित सम्मानित होने का गौरव प्राप्त कर चुके है। वर्ष 2019 से वर्ष 2023 तक राष्ट्रीय स्तर ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहर चुके है।

श्री वशिष्ठ अब तक 47 बार रक्तदान कर चुके हैं व दूसरों को भी इसके लिए लगातार प्रेरित करते रहे हैं। शिक्षक राजेश वशिष्ठ अनेक सामाजिक मुद्दों के विषय में जिला,राज्य और राष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से अभियान चला रहे हैं जैसे जल सरंक्षण, कन्या भ्रूणहत्या, पर्यावरण प्रदूषण, स्वच्छ्ता अभियान, एड्स, पोलियो, पॉलीथीन आदि।
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