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परिवहन विभाग में तबादला नीति रद्द कर मांगी हुई मांगों को लागू करें सरकार : देवेंद्र घोडेला
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29जेएनडी08-बैठक में भाग लेते हुए हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी। स्रोत यूनियन
जींद। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित सर्वकर्मचारी संघ की डिपो कमेटी बैठक डिपो प्रधान देवेंद्र घोडेला की अध्यक्षता में की गई। संचालन डिपो सचिव रमेश भैणी ने किया। डिपो प्रधान देवेंद्र घोडेला ने कहा कि सरकार परिवहन विभाग में तबादला नीति रद्द कर मांगी हुई मांगों को लागू करें। उन्होंने कहा कि आठवें वेतन आयोग का गठन, पुरानी पेंशन बहाली, खाली पदों पर भर्ती कर निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत में विभाग के कर्मचारियों की बनाई गई तबादला नीति खामियों पर यूनियन लिखित आपत्ति जताते हुए तबादला नीति रद्द करने की मांग कर चुकी है।
सचिव रमेश भैणी ने कहा कि अगर फिर भी सरकार पॉलिसी लागू करना चाहती है तो रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे और ऑनलाइन तबादला नीति का डट कर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा सरकार अपने वादे के अनुसार सभी खाली पदों पर प्रमोशन करें।
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राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद और महासचिव सुमेर सिवाच ने कहा कि 22 मई को महानिदेशक के साथ हुई बातचीत में जिन मांगों पर सहमति बनी थी उनमें चालकों, लिपिकों व परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाने, चालक व परिचालकों को एक माह में 30 रात्रि ठहराव के भुगतान की शक्ति महाप्रबंधकों को देने, 2004 से पहले लगे चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने व पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने, चालक, परिचालक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक और कर्मशाला के कर्मचारियों को मिलने वाले देय अर्जित अवकाश पूर्व की भांति एक वर्ष में 33 अवकाश देने समेत अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था।
मांगों को लागू नहीं करने पर रोडवेज कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि यूनियन को बुलाकर बातचीत के माध्यम से समाधान किया जाए, नहीं तो हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन छह अगस्त को होने मीटिंग में आंदोलन की घोषणा करने पर मजबूर होगी।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत में विभाग के कर्मचारियों की बनाई गई तबादला नीति खामियों पर यूनियन लिखित आपत्ति जताते हुए तबादला नीति रद्द करने की मांग कर चुकी है।
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सचिव रमेश भैणी ने कहा कि अगर फिर भी सरकार पॉलिसी लागू करना चाहती है तो रोडवेज कर्मचारी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे और ऑनलाइन तबादला नीति का डट कर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा सरकार अपने वादे के अनुसार सभी खाली पदों पर प्रमोशन करें।
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राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद और महासचिव सुमेर सिवाच ने कहा कि 22 मई को महानिदेशक के साथ हुई बातचीत में जिन मांगों पर सहमति बनी थी उनमें चालकों, लिपिकों व परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाने, चालक व परिचालकों को एक माह में 30 रात्रि ठहराव के भुगतान की शक्ति महाप्रबंधकों को देने, 2004 से पहले लगे चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने व पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने, चालक, परिचालक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक और कर्मशाला के कर्मचारियों को मिलने वाले देय अर्जित अवकाश पूर्व की भांति एक वर्ष में 33 अवकाश देने समेत अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था।
मांगों को लागू नहीं करने पर रोडवेज कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि यूनियन को बुलाकर बातचीत के माध्यम से समाधान किया जाए, नहीं तो हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन छह अगस्त को होने मीटिंग में आंदोलन की घोषणा करने पर मजबूर होगी।