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Jind News: सरकार पर 16 निजी अस्पतालों के 7 करोड़ बकाया, भुगत रही जनता
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04जेएनडी24: निजी अस्पताल के बाहर मौजूद मरीज। संवाद
जींद। जिले के आयुष्मान पैनल के सभी अस्पतालों ने मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज बंद कर दिया।
अकेले जींद के अस्पतालों के सरकार की तरफ लगभग सात करोड़ रुपये बकाया हैं। इनकी मांग को लेकर अस्पताल संचालक सख्त हुए। इससे गंभीर स्थिति के मरीजों की परेशानी बढ़ी। जिले में 27 अस्पताल आयुष्मान पैनल पर हैं। इसमें 11 सरकारी अस्पताल हैं, जबकि 16 निजी अस्पताल आयुष्मान पैनल पर हैं। निजी अस्पतालों में प्रतिदिन लगभग 80 मरीजों के ऑपरेशन होते हैं। पहले दिन निजी अस्पतालों में ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों को हड़ताल की बात कहकर वापस भेजा गया।
निजी अस्पताल संचालकों का कहना है कि जींद के 16 अस्पतालों के सात करोड़ रुपये सरकार की तरफ बकाया है। जब तक सरकार उनके रुपये जारी नहीं करती, तब तक वह आयुष्मान कार्ड पर इलाज नहीं करेंगे। जिले में सात लाख 32 हजार से अधिक लोगों के आयुष्मान व चिरायु कार्ड भी बने हुए हैं। अगर हड़ताल के दौरान किसी मरीज की गंभीर स्थित हुई तो इसके लिए सरकारी अस्पताल ही विकल्प बनेगा। अब लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि सरकार के आयुष्मान का कार्ड का लाभ किस तरह उठाया जाए।
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अकेले जींद के अस्पतालों के सरकार की तरफ लगभग सात करोड़ रुपये बकाया हैं। इनकी मांग को लेकर अस्पताल संचालक सख्त हुए। इससे गंभीर स्थिति के मरीजों की परेशानी बढ़ी। जिले में 27 अस्पताल आयुष्मान पैनल पर हैं। इसमें 11 सरकारी अस्पताल हैं, जबकि 16 निजी अस्पताल आयुष्मान पैनल पर हैं। निजी अस्पतालों में प्रतिदिन लगभग 80 मरीजों के ऑपरेशन होते हैं। पहले दिन निजी अस्पतालों में ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों को हड़ताल की बात कहकर वापस भेजा गया।
निजी अस्पताल संचालकों का कहना है कि जींद के 16 अस्पतालों के सात करोड़ रुपये सरकार की तरफ बकाया है। जब तक सरकार उनके रुपये जारी नहीं करती, तब तक वह आयुष्मान कार्ड पर इलाज नहीं करेंगे। जिले में सात लाख 32 हजार से अधिक लोगों के आयुष्मान व चिरायु कार्ड भी बने हुए हैं। अगर हड़ताल के दौरान किसी मरीज की गंभीर स्थित हुई तो इसके लिए सरकारी अस्पताल ही विकल्प बनेगा। अब लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि सरकार के आयुष्मान का कार्ड का लाभ किस तरह उठाया जाए।
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