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Jind News: जेल के फूलों से महकेंगे सरकारी कार्यालय और स्कूल परिसर
Thu, 09 Nov 2023 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 09 Nov 2023 12:26 AM IST
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08जेएनडी07-जिला जेल में बंदियों द्वारा तैयार की गई फूल के पौधों की नरर्सिया। संवाद
जींद। जिला जेल में बंद बंदियों ने अलग-अलग किस्म के फूल के पौधों की नर्सरी तैयार की है। इन फूलों से सरकारी कार्यालय, स्कूलों के प्रांगण महकेंगे। जेल प्रशासन फूल-पौधों की नर्सियों को निशुल्क वितरित करेगी। इसको लेकर जेल प्रशासन ने डीसी कार्यालय, एसपी कार्यालय और स्कूलों में पत्र भेजकर कहा है कि सीजनल फूलों की नर्सरी की आवश्यकता है तो अपने कर्मचारी को भेजकर जिला कारागार से ले जा सकते हैं। जेल में बंद बंदियों ने गजेनिया, कैलेनडूल्ला, मेरीगोल्ड, कॉमोस, नगरेटा वाइट, स्टॉक पर्पल जैसे फूलों से जिला कारागार की भी फिजा बदली है और वातावरण खुशनुमा बना है। यह पौधे अब जिला जेल के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में भी खुशबू फैलाएंगे। इसके अलावा गैर सरकारी कार्यालयों को भी जिला कारागार में तैयार किए गए पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे।
पिछले साल भी तैयार की गई थी नर्सरी
जिला जेल में हर साल फूल के पौधों की नर्सरी तैयार की जाती है। इन पौधों को निशुल्क वितरित किया जाता है, जिससे सरकारी कार्यालय, स्कूल और जिला जेल खुशबू से महक जाते हैं। इस साल भी बंदियों ने जिला जेल में बंद बंदियों ने गजेनिया, कैलेनडूल्ला, मेरीगोल्ड, कॉमोस, नगरेटा वाइट, स्टॉक पर्पल फूलों के लाखों पौधे तैयार किए गए हैं। अलावा कारागार परिसर को हरियाली युक्त रखने पर फूलों की खुशबू से बंदियों को स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें वह तनाव मुक्त रहकर अपनी सजा काट सकें और बंदियों में किसी प्रकार के नकारात्मक भावनाएं उत्पन्न ना हों।
जेल में बंदियों को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर
जिला कारागार में बंदियों की रिहाई के बाद उनको आत्मनिर्भर बनाने को लेकर पुरुष बंदियों को खाद्य सामग्री एवं महिला बंदियों को सिलाई, कढ़ाई व ब्यूटीशियन आदि कार्य का प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि रिहाई के बाद बंदी अपनी आजीविका चलाने में दक्षता हासिल कर सकें। कारागार को सुंदरीकरण करने के लिए बंदियों ने मौसम के अनुरूप तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूलों की खेती की जा रही है। कारागार प्रशासन फूलों की पौध को निशुल्क सरकारी कार्यालयों व गैर सरकारी स्कूलों को देगा।
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जिला जेल में बंदियों को सीजनल फूलों की पौध तैयार करना सिखाया गया है। इनमें से कुछ बंदियों ने सीजनल फूलों की पौध तैयार करनी भी सीख ली है और उन्होंने पौधों की नर्सरी भी तैयार कर ली है। यदि किसी सरकारी विभाग या स्कूल को फूल पौधों की नर्सरी की जरूरत है तो अपनी जरूरत अनुसार जिला कारागार से ले सकते हैं।
-- संजीव कुमार, जेल अधीक्षक, जिला जेल
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पिछले साल भी तैयार की गई थी नर्सरी
जिला जेल में हर साल फूल के पौधों की नर्सरी तैयार की जाती है। इन पौधों को निशुल्क वितरित किया जाता है, जिससे सरकारी कार्यालय, स्कूल और जिला जेल खुशबू से महक जाते हैं। इस साल भी बंदियों ने जिला जेल में बंद बंदियों ने गजेनिया, कैलेनडूल्ला, मेरीगोल्ड, कॉमोस, नगरेटा वाइट, स्टॉक पर्पल फूलों के लाखों पौधे तैयार किए गए हैं। अलावा कारागार परिसर को हरियाली युक्त रखने पर फूलों की खुशबू से बंदियों को स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें वह तनाव मुक्त रहकर अपनी सजा काट सकें और बंदियों में किसी प्रकार के नकारात्मक भावनाएं उत्पन्न ना हों।
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जेल में बंदियों को बनाया जा रहा आत्मनिर्भर
जिला कारागार में बंदियों की रिहाई के बाद उनको आत्मनिर्भर बनाने को लेकर पुरुष बंदियों को खाद्य सामग्री एवं महिला बंदियों को सिलाई, कढ़ाई व ब्यूटीशियन आदि कार्य का प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि रिहाई के बाद बंदी अपनी आजीविका चलाने में दक्षता हासिल कर सकें। कारागार को सुंदरीकरण करने के लिए बंदियों ने मौसम के अनुरूप तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूलों की खेती की जा रही है। कारागार प्रशासन फूलों की पौध को निशुल्क सरकारी कार्यालयों व गैर सरकारी स्कूलों को देगा।
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जिला जेल में बंदियों को सीजनल फूलों की पौध तैयार करना सिखाया गया है। इनमें से कुछ बंदियों ने सीजनल फूलों की पौध तैयार करनी भी सीख ली है और उन्होंने पौधों की नर्सरी भी तैयार कर ली है। यदि किसी सरकारी विभाग या स्कूल को फूल पौधों की नर्सरी की जरूरत है तो अपनी जरूरत अनुसार जिला कारागार से ले सकते हैं।

08जेएनडी07-जिला जेल में बंदियों द्वारा तैयार की गई फूल के पौधों की नरर्सिया। संवाद