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सरकार किसानों के साथ भेदभाव कर रही : चढूनी
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सरकार किसानों के साथ भेदभाव कर रही : चढूनी
खटकड़ टोल पर धरना दे रहे किसानों के बीच पहुंचे किसान नेता
बोनस नहीं मिलने पर तीन घंटे के लिए सभी टोल बंद कर देने चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अलेवा खंड को खरीफ की फसलों का मुआवजा नहीं मिलने पर खटकड़ टोल पर धरना दे रहे किसानों के बीच वीरवार को किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ भेदभाव कर रही है। पूंजीपतियों ने सरकार के 15 लाख करोड़ रुपये हड़प लिए, लेकिन सरकार किसानों के आठ लाख करोड़ रुपये माफ नहीं कर रही है। चढूनी ने किसानों से आह्वान किया कि इस बार दूसरे देशों में गेहूं की मांग काफी अधिक है। सरकार 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो किसानों को तीन घंटे के लिए सभी टोल बंद कर देने चाहिए।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि हर 32 मिनट में एक किसान आत्महत्या कर रहा है। सफीदों में किसान द्वारा ट्रैक्टर लिया गया, जिससे उसकी 27 कनाल जमीन आज बैंक के नाम है। चढूनी ने कहा कि देश के किसानों पर 8 लाख करोड़ रुपये का कर्जा है। दावा किया कि पिछले चार साल में चार लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इसका रिकॉर्ड दर्ज नहीं हुआ। पूंजीपति 15 लाख करोड़ रुपये दबा लिए हैं। किसी भी पूंजीपति ने आज तक आत्महत्या नहीं की है। किसी भी पूंजीपति को जेल नहीं हुई। चढूनी ने कहा कि रामदेव के जमीन खरीदने के बाद जमीन के रेट बढ़ गए।
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खटकड़ टोल पर धरना दे रहे किसानों के बीच पहुंचे किसान नेता
बोनस नहीं मिलने पर तीन घंटे के लिए सभी टोल बंद कर देने चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अलेवा खंड को खरीफ की फसलों का मुआवजा नहीं मिलने पर खटकड़ टोल पर धरना दे रहे किसानों के बीच वीरवार को किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ भेदभाव कर रही है। पूंजीपतियों ने सरकार के 15 लाख करोड़ रुपये हड़प लिए, लेकिन सरकार किसानों के आठ लाख करोड़ रुपये माफ नहीं कर रही है। चढूनी ने किसानों से आह्वान किया कि इस बार दूसरे देशों में गेहूं की मांग काफी अधिक है। सरकार 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो किसानों को तीन घंटे के लिए सभी टोल बंद कर देने चाहिए।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि हर 32 मिनट में एक किसान आत्महत्या कर रहा है। सफीदों में किसान द्वारा ट्रैक्टर लिया गया, जिससे उसकी 27 कनाल जमीन आज बैंक के नाम है। चढूनी ने कहा कि देश के किसानों पर 8 लाख करोड़ रुपये का कर्जा है। दावा किया कि पिछले चार साल में चार लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इसका रिकॉर्ड दर्ज नहीं हुआ। पूंजीपति 15 लाख करोड़ रुपये दबा लिए हैं। किसी भी पूंजीपति ने आज तक आत्महत्या नहीं की है। किसी भी पूंजीपति को जेल नहीं हुई। चढूनी ने कहा कि रामदेव के जमीन खरीदने के बाद जमीन के रेट बढ़ गए।
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