{"_id":"6557a5d1097b2bbe1606efe1","slug":"gohanas-xen-inspects-development-works-jind-news-c-199-1-sroh1006-8884-2023-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: गोहाना के एक्सईएन ने विकास कार्यों को जांचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: गोहाना के एक्सईएन ने विकास कार्यों को जांचा
Fri, 17 Nov 2023 11:11 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 17 Nov 2023 11:11 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सफीदों। सफीदों पालिका के कथित 35 करोड़ रुपये के घोटाले की प्रदेश के निकाय विभाग के 17 एक्सईएन की ओर से शुरू की गई जांच के सिलसिले में दूसरे दिन गोहाना के एक्सईएन नवीन सहरावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
साथ ही नगर के अनेक स्थानों पर विकास कार्यों को जांचा। इस मौके पर उनके साथ सफीदों पालिका कार्यालय का भी अमला साथ रहा।
एक्सईएन नवीन सहरावत ने वार्डों में गलियों व नाले-नालियों की जांच की। एक्सईएन ने खानसर चौक के आसपास बने बड़े निकासी नाले के कार्य को भी जांचा। उन्होंने इस बात पर विशेष फोकस रखा कि कहीं विकास कार्य न हुआ हो और उसे कागजों में चढ़ा दिया गया हो। सफीदों पालिका के कथित 35 करोड़ रुपये के कथित विकास घोटाले की जांच का जिम्मा प्रदेश के 17 एक्सईएन को सौंपा गया है।
इन अधिकारियों ने आदेश के मुताबिक यहां करीब 260 विकास कार्यों की जांच का कार्य शुरू कर दिया है। इन अधिकारियों ने 260 विकास कार्यों की जांच में अपना-अपना कार्य बांट लिया है और वे नगर के अनेक हिस्सों में जाकर अलग-अलग से जांच कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस जांच को जल्द पूरा करके निकाय विभाग के हेड आफिस को जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। वैसे यह रिपोर्ट 10 नवंबर तक सौंपी जानी थी, लेकिन त्योहारों की वजह से जांच लंबित हुई।
विज्ञापन
अब जांच शुरू हो चुकी है और संभावना यह है कि इसे 20 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। सफीदों में पालिका घोटाले की बात यहां के बच्चे-बच्चे की जुबान पर है और इस घोटाले की जांच के लिए अनेक आंदोलन व शिकायतें भी हुई। घोटाले की जांच के लिए भाजपा नेता रामदास प्रजापत ने अग्रसेन चौक पर आमरण अनशन करके सम्मिलित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। काफी लंबे चले आंदोलन के बाद उन्हें जांच का आश्वासन देकर धरने से उठाया गया था। पूर्व पार्षद प्रवीन बंसल व आरटीआई कार्यकर्ता प्रदीप गर्ग ने भी आरटीआई से जानकारियां जुटाकर व विकास कार्यों में हुए गोलमाल की वीडियो सरकार व जांच एजेंसियों को सौंपी थी।
आंदोलनकारियों का आरोप था कि प्रदेश सरकार ने सफीदों को चार चांद लगाने के लिए 35 करोड़ रुपये की बड़ी विकास राशि सफीदों पालिका में भेजी थी लेकिन उसमें पालिका के ओहदेधारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकदारों ने मिलीभगत करके भारी गोलमाल किया। सफीदों में जितने भी गलियों, नाले-नालियों के कार्य हुए उमें भारी धांधली हुई और सरकारी रकम की बंदरबांट हुई।
विज्ञापन
सफीदों। सफीदों पालिका के कथित 35 करोड़ रुपये के घोटाले की प्रदेश के निकाय विभाग के 17 एक्सईएन की ओर से शुरू की गई जांच के सिलसिले में दूसरे दिन गोहाना के एक्सईएन नवीन सहरावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
साथ ही नगर के अनेक स्थानों पर विकास कार्यों को जांचा। इस मौके पर उनके साथ सफीदों पालिका कार्यालय का भी अमला साथ रहा।
एक्सईएन नवीन सहरावत ने वार्डों में गलियों व नाले-नालियों की जांच की। एक्सईएन ने खानसर चौक के आसपास बने बड़े निकासी नाले के कार्य को भी जांचा। उन्होंने इस बात पर विशेष फोकस रखा कि कहीं विकास कार्य न हुआ हो और उसे कागजों में चढ़ा दिया गया हो। सफीदों पालिका के कथित 35 करोड़ रुपये के कथित विकास घोटाले की जांच का जिम्मा प्रदेश के 17 एक्सईएन को सौंपा गया है।
विज्ञापन
इन अधिकारियों ने आदेश के मुताबिक यहां करीब 260 विकास कार्यों की जांच का कार्य शुरू कर दिया है। इन अधिकारियों ने 260 विकास कार्यों की जांच में अपना-अपना कार्य बांट लिया है और वे नगर के अनेक हिस्सों में जाकर अलग-अलग से जांच कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस जांच को जल्द पूरा करके निकाय विभाग के हेड आफिस को जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। वैसे यह रिपोर्ट 10 नवंबर तक सौंपी जानी थी, लेकिन त्योहारों की वजह से जांच लंबित हुई।
विज्ञापन
अब जांच शुरू हो चुकी है और संभावना यह है कि इसे 20 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। सफीदों में पालिका घोटाले की बात यहां के बच्चे-बच्चे की जुबान पर है और इस घोटाले की जांच के लिए अनेक आंदोलन व शिकायतें भी हुई। घोटाले की जांच के लिए भाजपा नेता रामदास प्रजापत ने अग्रसेन चौक पर आमरण अनशन करके सम्मिलित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। काफी लंबे चले आंदोलन के बाद उन्हें जांच का आश्वासन देकर धरने से उठाया गया था। पूर्व पार्षद प्रवीन बंसल व आरटीआई कार्यकर्ता प्रदीप गर्ग ने भी आरटीआई से जानकारियां जुटाकर व विकास कार्यों में हुए गोलमाल की वीडियो सरकार व जांच एजेंसियों को सौंपी थी।
आंदोलनकारियों का आरोप था कि प्रदेश सरकार ने सफीदों को चार चांद लगाने के लिए 35 करोड़ रुपये की बड़ी विकास राशि सफीदों पालिका में भेजी थी लेकिन उसमें पालिका के ओहदेधारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकदारों ने मिलीभगत करके भारी गोलमाल किया। सफीदों में जितने भी गलियों, नाले-नालियों के कार्य हुए उमें भारी धांधली हुई और सरकारी रकम की बंदरबांट हुई।