{"_id":"691635c68bc38db1d608f9f0","slug":"girls-learnt-karate-techniques-and-strengthened-their-self-confidence-jind-news-c-199-1-jnd1010-143802-2025-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: छात्राओं ने सीखी कराटे की तकनीक, आत्मविश्वास किया मजबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: छात्राओं ने सीखी कराटे की तकनीक, आत्मविश्वास किया मजबूत
विज्ञापन
13जेएनडी03 : राजकीय महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ के तहत कराटे सीखती छात्राएं। संवाद
जींद। राजकीय महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ के तहत आत्मरक्षा एवं कराटे कला पर दो दिवसीय कार्यशाला में बुधवार काे संपन्न हुई। प्राचार्य सत्यवान मलिक ने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण छात्राओं को न केवल सुरक्षा का ज्ञान देता है बल्कि यह उनके आत्मअनुशासन और आत्मविश्वास को भी मजबूत करता है।
कराटे प्रशिक्षक सिमरन ने छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए समझाया कि विपरीत परिस्थितियों में कैसे स्वयं की रक्षा की जा सकती है। कराटे सीखने के बाद छात्राओं को घर से निकलते समय डर नहीं लगेगा बल्कि विपरित परिस्थितियों से निपटने के लिए उनके हौसला होगा।
कार्यशाला में छात्राओं ने भाग लेते हुए कराटे की क्रियाओं का अभ्यास किया और आत्मरक्षा के महत्व को समझा। महाविद्यालय के उपप्राचार्य डॉ. रणधीर सिंह ने कहा कि आज के समय में प्रत्येक छात्रा के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान आवश्यक है।
विज्ञापन
महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. प्रेम पूनम ने कहा कि कराटे जैसी विधाएं न केवल आत्मरक्षा का माध्यम हैं, बल्कि यह मानसिक संतुलन और आत्मबल को भी मजबूत बनाती हैं। उन्होंने छात्राओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और कहा कि आगे भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगे। कार्यक्रम में अध्यापकगण और छात्राएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन
कराटे प्रशिक्षक सिमरन ने छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए समझाया कि विपरीत परिस्थितियों में कैसे स्वयं की रक्षा की जा सकती है। कराटे सीखने के बाद छात्राओं को घर से निकलते समय डर नहीं लगेगा बल्कि विपरित परिस्थितियों से निपटने के लिए उनके हौसला होगा।
विज्ञापन
कार्यशाला में छात्राओं ने भाग लेते हुए कराटे की क्रियाओं का अभ्यास किया और आत्मरक्षा के महत्व को समझा। महाविद्यालय के उपप्राचार्य डॉ. रणधीर सिंह ने कहा कि आज के समय में प्रत्येक छात्रा के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान आवश्यक है।
विज्ञापन
महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. प्रेम पूनम ने कहा कि कराटे जैसी विधाएं न केवल आत्मरक्षा का माध्यम हैं, बल्कि यह मानसिक संतुलन और आत्मबल को भी मजबूत बनाती हैं। उन्होंने छात्राओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और कहा कि आगे भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगे। कार्यक्रम में अध्यापकगण और छात्राएं मौजूद रहीं।