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Jind News: यूथ वुमन एशियन बॉक्सिंग में गरिमा ने 63 किलो भार वर्ग में जीता सिल्वर
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27जेएनडी01-गरिमा सहरावत को सम्मानित करते हुए जयति जयति हिंदू महान संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अतु
जींद। यूथ वुमन एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन कोलंबो श्रीलंका में किया गया। इसमें जींद की बेटी गरिमा सहरावत ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। मेडल जीतकर जिले में पहुंचने पर गरिमा सहरावत का स्वागत किया गया।
जयति जयति हिंदू महान संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अतुल चौहान ने गरिमा सहरावत का फूल मालाओं से स्वागत किया और बॉक्सिंग कोच आशीष अहलावत और खिलाड़ी के माता पिता को बधाई दी।
अतुल चौहान ने बताया कि गरिमा सहरावत ने 10 से 24 मई तक कोलंबो में चली 63 किलोग्राम भार वर्ग की यूथ वुमन एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया, जो देश व प्रदेश के लिए गर्व की बात है। गरिमा एक मध्यम परिवार से आती है और वह निरंतर अपने कोच और माता पिता के अथक प्रयासों से इस मुकाम तक पहुंची है, जोकि काबिले तारीफ है।
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कोच आशीष अहलावत ने बताया कि बेटी गरिमा सहरावत ने एक दिन भी प्रैक्टिस को मिस नहीं किया, वह निरंतर मेहनत करती थी। हर रोज उसके पिता गरिमा को सफीदों से छोड़कर जाते और लेने आते थे। गरिमा के पिता ने अपनी बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
गरिमा सहरावत ने इस मेडल का सारा श्रेय अपने कोच और माता-पिता को दिया। गरिमा ने भरोसा दिलाया कि वह अपनी मेहनत के दम पर ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाकर पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन करेगी।
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जयति जयति हिंदू महान संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अतुल चौहान ने गरिमा सहरावत का फूल मालाओं से स्वागत किया और बॉक्सिंग कोच आशीष अहलावत और खिलाड़ी के माता पिता को बधाई दी।
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अतुल चौहान ने बताया कि गरिमा सहरावत ने 10 से 24 मई तक कोलंबो में चली 63 किलोग्राम भार वर्ग की यूथ वुमन एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया, जो देश व प्रदेश के लिए गर्व की बात है। गरिमा एक मध्यम परिवार से आती है और वह निरंतर अपने कोच और माता पिता के अथक प्रयासों से इस मुकाम तक पहुंची है, जोकि काबिले तारीफ है।
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कोच आशीष अहलावत ने बताया कि बेटी गरिमा सहरावत ने एक दिन भी प्रैक्टिस को मिस नहीं किया, वह निरंतर मेहनत करती थी। हर रोज उसके पिता गरिमा को सफीदों से छोड़कर जाते और लेने आते थे। गरिमा के पिता ने अपनी बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
गरिमा सहरावत ने इस मेडल का सारा श्रेय अपने कोच और माता-पिता को दिया। गरिमा ने भरोसा दिलाया कि वह अपनी मेहनत के दम पर ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाकर पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन करेगी।