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हरियाणा पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये हड़पे, दो नामजद
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जींद। हरियाणा पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर बुराडहैर निवासी रामसिंह से साढ़े तीन लाख रुपये हड़पने के आरोप में सदर थाना पुलिस ने लखमीरवाला निवासी जगमेंद्र और प्यारेलाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बुराडहैर निवासी रामसिंह ने बताया कि कई वर्षों से उसकी जान पहचान लखमीरवाला गांव निवासी जगमेंद्र सिंह मलिक के साथ थी। उनका आपस में घर पर आना जाना रहता था। इस दौरान 2018 में हरियाणा पुलिस व ग्रुप डी की भर्ती निकली हुई थी। इस दौरान जगमेंद्र ने उसको कहा कि उसके बेटे को वह हरियाणा पुलिस व ग्रुप डी में लगवा सकता है। उसके पास एक जानकार है जो नौकरी लगवाने का काम करता है। इस दौरान उसने नौकरी लगवाने के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र में ले जाकर प्यारे लाल से मिलवाया। वहां पर प्यारेलाल ने बताया कि ग्रुप डी की भर्ती की लिस्ट तैयार हो चुकी है। वह इसमें बदलाव नहीं करवा सकता, लेकिन हरियाणा पुलिस में वह उसके बेटे को जरूर लगवा देगा। हरियाणा पुलिस की लिस्ट अभी तक नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने उससे साढ़े छह लाख रुपये मांगे। उसने एक सप्ताह के अंदर ही जगमेंद्र को साढ़े छह लाख रुपये दे दिए। इसके बाद पुलिस की भर्ती में उसके बेटे का नाम नहीं आया तो उसने रुपये वापस मांगे, लेकिन दोनों ने कई बार में उसको तीन लाख रुपये तो लौटा दिए, लेकिन बाकी साढ़े तीन लाख रुपये अब तक बकाया हैं। रुपये मांगने पर जगमेंद्र उसको जान से मारने की धमकी देता है। जांच अधिकारी एचसी महेंद्र सिंह ने बताया कि नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ठगने के आरोप में लखमीरवाला गांव निवासी जगमेंद्र मलिक व प्यारेलाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बुराडहैर निवासी रामसिंह ने बताया कि कई वर्षों से उसकी जान पहचान लखमीरवाला गांव निवासी जगमेंद्र सिंह मलिक के साथ थी। उनका आपस में घर पर आना जाना रहता था। इस दौरान 2018 में हरियाणा पुलिस व ग्रुप डी की भर्ती निकली हुई थी। इस दौरान जगमेंद्र ने उसको कहा कि उसके बेटे को वह हरियाणा पुलिस व ग्रुप डी में लगवा सकता है। उसके पास एक जानकार है जो नौकरी लगवाने का काम करता है। इस दौरान उसने नौकरी लगवाने के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र में ले जाकर प्यारे लाल से मिलवाया। वहां पर प्यारेलाल ने बताया कि ग्रुप डी की भर्ती की लिस्ट तैयार हो चुकी है। वह इसमें बदलाव नहीं करवा सकता, लेकिन हरियाणा पुलिस में वह उसके बेटे को जरूर लगवा देगा। हरियाणा पुलिस की लिस्ट अभी तक नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने उससे साढ़े छह लाख रुपये मांगे। उसने एक सप्ताह के अंदर ही जगमेंद्र को साढ़े छह लाख रुपये दे दिए। इसके बाद पुलिस की भर्ती में उसके बेटे का नाम नहीं आया तो उसने रुपये वापस मांगे, लेकिन दोनों ने कई बार में उसको तीन लाख रुपये तो लौटा दिए, लेकिन बाकी साढ़े तीन लाख रुपये अब तक बकाया हैं। रुपये मांगने पर जगमेंद्र उसको जान से मारने की धमकी देता है। जांच अधिकारी एचसी महेंद्र सिंह ने बताया कि नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ठगने के आरोप में लखमीरवाला गांव निवासी जगमेंद्र मलिक व प्यारेलाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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