फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Former soldiers said that complaints are not taken seriously at police stations.

Jind News: पूर्व सैनिक बोले-थानों में शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता

Mon, 19 Jan 2026 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 19 Jan 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
Former soldiers said that complaints are not taken seriously at police stations.
18जेएनडी28: रणधीर चहल। - फोटो : बाबागंज में आयोजित जन आरोग्य मेले में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक।
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जींद। देश की सुरक्षा में जीवन समर्पित कर चुके पूर्व सैनिक आज देश में सम्मान और त्वरित न्याय के लिए परेशान हैं। थानों से लेकर विभिन्न सरकारी विभागों तक पूर्व सैनिकों की शिकायतों पर समय पर सुनवाई न होने से रोष है।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि सेवा के दौरान अनुशासन और देशभक्ति का पाठ पढ़ाने वाला तंत्र, सेवानिवृत्ति के बाद उनकी समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। कई मामलों में थानों में शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। कई बार महीनों तक फाइलें विभागों में अटकी रहती हैं। इससे न केवल मानसिक पीड़ा बढ़ती है बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचती है।
विज्ञापन

पूर्व सैनिकों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके लिए अलग से संवेदनशील और प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। पूर्व सैनिक संगठनों का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकारें भले ही पूर्व सैनिकों के कल्याण की योजनाओं की बात करती हों, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कर्मियों का रवैया अक्सर निराशाजनक रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने सुझाव दिया कि हर थाने और सरकारी कार्यालय में पूर्व सैनिकों से जुड़े मामलों के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करे।
बाक्स
मांग उठाई कि थानों व अन्य विभागों में तैनात कर्मचारियों को पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशासन यदि समय रहते ठोस योजना बनाकर अमल करे तो पूर्व सैनिकों में बढ़ती नाराजगी को कम किया जा सकता है। -कैप्टन रणधीर चहल, पूर्व सैनिक
बाक्स
सेवा के दौरान हर आदेश को सर्वोपरि माना लेकिन रिटायर्ड होने के बाद छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी सुनवाई नहीं होती। प्रशासन को पूर्व सैनिकों के लिए अलग व्यवस्था करनी चाहिए ताकि पूर्व सैनिकों के सम्मान को बढ़ाया जा सके। पूर्व सैनिकों के लिए यदि हर विभाग में नोडल अधिकारी हो, तो समस्याओं का समाधान जल्दी हो सकता है। सरकार को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए।-कैप्टन आरएस ढुल, पूर्व सैनिक
बाक्स
सभी प्रशासनिक कार्यों के लिए थाना हो या अन्य विभाग शिकायत देने पर कई बार सामान्य नागरिकों की तरह घंटों इंतजार करवाया जाता है। यह उनकी देश सेवा के प्रति प्रशासन का परिणाम नहीं है। उनके लिए सभी विभागों के कर्मियों के लिए निर्देश जारी कर उन पर अमल करना चाहिए।

--रमेश कुमार जागलान, पूर्व सैनिक
फोटो कैप्शन


18जेएनडी28: रणधीर चहल।
18जेएनडी29: आरएस ढुल।
18जेएनडी30: रमेश कुमार।

18जेएनडी28: रणधीर चहल।

18जेएनडी28: रणधीर चहल।- फोटो : बाबागंज में आयोजित जन आरोग्य मेले में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक।

18जेएनडी28: रणधीर चहल।

18जेएनडी28: रणधीर चहल।- फोटो : बाबागंज में आयोजित जन आरोग्य मेले में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed