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मांगों को लेकर किसान और मजदूर यूनियनों ने दिया धरना
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2016 11:40 PM IST
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अपनी मांगों के लेकर मंगलवार को किसान और मजदूर यूनियनों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। धरना अखिल भारतीय खेत मजदूर संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा व भारतीय ट्रेड यूनियन के संयुक्त राष्ट्रीय आह्वान पर शाहपुर, दालमवाला, जाजवान, बराह खुर्द, सिवाहा, रधाना, बुटानी गांवों के मजदूर व किसान शामिल हुए।
धरने के बाद किसानों व मजदूरों ने कामरेड प्रकाश चंद्र, कामरेड कपूर सिंह व कामरेड भरत सिंह खटकड़ की संयुक्त अध्यक्षता में तहसीलदार रामफल कटारिया को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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सीटू जिला सचिव कामरेड रमेश चंद्र ने कहा कि देश व प्रदेश में भाजपा सरकार के सत्ता संभालने के बाद मजदूर व किसान भारी संकट के दौर से गुजर रहा है।
अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन जिला सचिव कामरेड प्रकाश चंद्र व भरत सिंह खटकड़ ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते वर्ष में औसत काम में भारी गिरावट है।
मनरेगा के तहत सीमित ही सही परंतु कुछ रोजगार की गारंटी है, लेकिन सरकार की बदनियती के चलते मनरेगा के बजट में भारी कटौती की गई है। धरने में कामरेड सतबीर, होशियार सिंह, शमशेर, जयपाल, राजकुमार, फूल कुमार, कैलाशो, संतोष, पीजो, ओम प्रकाश, जोधाराम, प्रेमो, निर्मला, कृष्णा, सुदेश शामिल हुए।
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मुख्य मांगें
1. किसानों की सूखे व बीमारी के कारण खराब हुई फसलों का शीघ्र मुआवजा दिलवाया जाए।
2. मनरेगा के तहत सभी गांवों में काम शीघ्र शुरू करवाया जाए।
3. मनरेगा मजदूरों की बकाया मजदूरी, जो हरियाणा की लगभग 150 करोड़ से ज्यादा है का शीघ्र भुगतान करवाया जाए।
4. मनरेगा में न्यूनतम मजदूरी में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करके दैनिक मजदूरी का भुगतान करवाया जाए।
5. हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 15 हजार रुपये मासिक की जाए।
6. राज्य में लावारिस पशुओं पर रोक लगाई जाए।
7. बिजली के बढे़ हुए दाम वापस लिए जाए।
8. अंतरराष्ट्रीय बाजार में घटे पेट्रोलियम पदार्थों के रेटों का लाभ प्राइवेट कंपनियों को न देकर आम जनता को दिया जाए तथा सरकार द्वारा बढ़ाए गए टैक्स शीघ्र वापस लिए जाएं।