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छह हजार रुपये रिश्वत लेने के दोषी वन विभाग के गार्ड को पांच साल की सजा
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लकड़ी चोरी का डर दिखाकर छह हजार रुपये रिश्वत लेने के दोषी वन विभाग के गार्ड विजय को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंद्र कौर की अदालत ने पांच साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
गांव छाप्पर निवासी शिवपाल उर्फ सेवा ने तीन फरवरी 2016 को विजिलेंस को शिकायत दी थी कि वह साइकिल पर लकड़ी लेकर जा रहा था। सफीदों वन विभाग के गार्ड विजय कुमार ने उसे रोक लिया और विभाग की लकड़ी चोरी करने का आरोप लगाकर मामला दर्ज करने की धमकी दी। उसने बताया कि वह लकड़ी अपने खेत से लेकर आया है। इसके बावजूद भी विजय ने मामला दर्ज करने की धमकी दी। इस दौरान उसने मामले को रफा-दफा करने के लिए छह हजार रुपये की मांग की। शिवपाल उसे पैसे देने की बात कहकर वहां से चला आया, लेकिन गार्ड ने उसको मामला दर्ज करवाने की धमकी देकर परेशान करने लगा। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट जींद के नायब तहसीलदार आनंद के नेतृत्व में छापामार टीम ने शिकायतकर्ता शिवपाल को छह हजार रुपये पाउडर लगाकर दिए। गार्ड विजय ने शिवपाल को अपने कार्यालय में बुला लिया। रिश्वत लेने का इशारा मिलते ही टीम ने विजय को गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की टीम ने आरोपी वन विभाग के गार्ड विजय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। यह मामला तभी से अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गार्ड विजय को पांच साल की कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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गांव छाप्पर निवासी शिवपाल उर्फ सेवा ने तीन फरवरी 2016 को विजिलेंस को शिकायत दी थी कि वह साइकिल पर लकड़ी लेकर जा रहा था। सफीदों वन विभाग के गार्ड विजय कुमार ने उसे रोक लिया और विभाग की लकड़ी चोरी करने का आरोप लगाकर मामला दर्ज करने की धमकी दी। उसने बताया कि वह लकड़ी अपने खेत से लेकर आया है। इसके बावजूद भी विजय ने मामला दर्ज करने की धमकी दी। इस दौरान उसने मामले को रफा-दफा करने के लिए छह हजार रुपये की मांग की। शिवपाल उसे पैसे देने की बात कहकर वहां से चला आया, लेकिन गार्ड ने उसको मामला दर्ज करवाने की धमकी देकर परेशान करने लगा। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट जींद के नायब तहसीलदार आनंद के नेतृत्व में छापामार टीम ने शिकायतकर्ता शिवपाल को छह हजार रुपये पाउडर लगाकर दिए। गार्ड विजय ने शिवपाल को अपने कार्यालय में बुला लिया। रिश्वत लेने का इशारा मिलते ही टीम ने विजय को गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की टीम ने आरोपी वन विभाग के गार्ड विजय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। यह मामला तभी से अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गार्ड विजय को पांच साल की कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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