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Jind News: 12 साल से नशाखोरी के खिलाफ गांव-गांव जाकर जगा रहे है महंत शुक्राईनाथ योगी अलख
Sun, 10 Dec 2023 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 10 Dec 2023 12:00 AM IST
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उचाना। कोथ कलां के श्री दादा कलाईनाथ कालापीर मठ सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर महंत शुक्राईनाथ योगी बीते 12 सालों से नशे के खिलाफ हृदय में टीस लेकर अलख जगाने का काम कर रहे हैं। हिसार, हांसी, जींद, रोहतक, सिरसा, फतेहबाद सहित अन्य जिलों के करीब 700 गांवों में वो जागरूक समाज प्रहरी के रूप में मिशन नशामुक्त हरियाणा के तहत दस्तक दे चुके हैं। युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए संकल्प दिलाने के साथ-साथ नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जागरूक करते हैं। नशा छोड़ने वालों को गाय का शुद्ध घी पुरस्कार में देकर हौंसला बढ़ाते है। आयुर्वेद की मदद से व्यसन को सदा के लिए अलविदा करने के उपाय जन जन को बताते हैं। प्रशासन, चिकित्सा विज्ञान की मदद से मेडिकल सुविधाएं भी नशाग्रस्त पीड़ितों को उपलब्ध करवाते हैं।
गांवों की चौपाल में जाकर देते है संदेश
महंत शुक्राईनाथ ने कहा कि जिस तरह से हमारा युवा नशे की तरफ बढ़ रहा है उस तरह आने वाले दिनों में बेटी बचाओ अभियान की तरह बेटा बचाओ अभियान हमने शुरू किया है। शुरूआत में युवा दोस्तों साथ बैठ कर नशा करने लगता है। नशे की लत लगने पर न तो व्यक्ति का किसी काम करने को मन करता है साथ ही उसका स्वभाव भी चिड़चिड़ा, क्रोधाविष्ट हो जाता है। 250 से अधिक नशे के दुष्प्रभाव विषय पर सेमिनार भी स्कूलों, गांवों में आयोजित कर चुके हैं ताकि युवा पीढ़ी नशाखोरी के चंगुल से आजाद होकर राष्ट्रसाधना के प्रति प्रेरित हो। उन्होंने बताया कि देश व प्रदेश को नशामुक्त बनाने की मुहिम शुरू की है जो निरंतर बारह सालों से जारी है। नशा करने से जहां आर्थिक रूप से नुकसान होता है वहीं शरीर को भी भयंकर नुकसान होता है। कैंसर जैसी असाध्य बीमारियां जकड़ लेती है। पंजाब के कई जिलों में युवा नशे की गिरफ्त में आ चुका है। वहां हालात ये हो गए है कि बिना नशे के युवक, युवतियां रह नहीं पा रहे है। शिक्षा, खेल और अच्छे संस्कार मानव जीवन का यही शुद्ध उद्धार का संदेश जन-जन को दिया जाएगा।
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गांवों की चौपाल में जाकर देते है संदेश
महंत शुक्राईनाथ ने कहा कि जिस तरह से हमारा युवा नशे की तरफ बढ़ रहा है उस तरह आने वाले दिनों में बेटी बचाओ अभियान की तरह बेटा बचाओ अभियान हमने शुरू किया है। शुरूआत में युवा दोस्तों साथ बैठ कर नशा करने लगता है। नशे की लत लगने पर न तो व्यक्ति का किसी काम करने को मन करता है साथ ही उसका स्वभाव भी चिड़चिड़ा, क्रोधाविष्ट हो जाता है। 250 से अधिक नशे के दुष्प्रभाव विषय पर सेमिनार भी स्कूलों, गांवों में आयोजित कर चुके हैं ताकि युवा पीढ़ी नशाखोरी के चंगुल से आजाद होकर राष्ट्रसाधना के प्रति प्रेरित हो। उन्होंने बताया कि देश व प्रदेश को नशामुक्त बनाने की मुहिम शुरू की है जो निरंतर बारह सालों से जारी है। नशा करने से जहां आर्थिक रूप से नुकसान होता है वहीं शरीर को भी भयंकर नुकसान होता है। कैंसर जैसी असाध्य बीमारियां जकड़ लेती है। पंजाब के कई जिलों में युवा नशे की गिरफ्त में आ चुका है। वहां हालात ये हो गए है कि बिना नशे के युवक, युवतियां रह नहीं पा रहे है। शिक्षा, खेल और अच्छे संस्कार मानव जीवन का यही शुद्ध उद्धार का संदेश जन-जन को दिया जाएगा।
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