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Jind News: पांच माह पहले झगड़े में घायल व्यक्ति ने तोड़ा दम, परिजनों ने नहीं लिया शव

Thu, 28 Nov 2024 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 28 Nov 2024 11:39 PM IST
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Five months ago, a person injured in a fight died, family members did not take the body.
28जेएनडी31: मृतक के परिजनों से बातचीत करते नरवाना के डीएसपी अमित भाटिया। संवाद
नरवाना क्षेत्र के गांव धरौदी में लगभग पांच माह पहले झगड़े में घायल हुए व्यक्ति की मौत हो गई। वीरवार को परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिनभर नागरिक अस्पताल में डटे रहे। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। मृतक पर भी हत्या का आरोप है।
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परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और नागरिक अस्पातल में धरना शुरू कर दिया। मौके पर नरवाना के डीएसपी अमित भाटिया भी पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, लेकिन परिजनों ने मांग पूरी न होने तक पोस्टमार्टम कराने और शव को उठाने से मना कर दिया। फिलहाल परिजनों ने नागरिक अस्पताल में धरना शुरू कर दिया है।
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यह था मामला
धरौदी गांव में 10 जुलाई को धरौदी निवासी सुरेश परिवार और खजाना परिवार के बीच झगड़ा हो गया था, जिसमें खजाना की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी, जबकि सुरेश व उसके परिजनों को भी काफी चोटें आई थीं। सुरेश का कहना था कि खजाना की मौत हृदय गति रुकने से हुई थी। पुलिस ने खजाना के बेटे दर्शन की शिकायत पर सुरेश समेत तीन लोगो को नामजद कर आठ अन्य के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इस दौरान पुलिस ने सुरेश के चोटिल होने बाद भी दूसरे पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज न कर केवल रिपोर्ट लिखी थी, जिसमें भी खजाना की मौत हृदय गति रुकना बताया गया है। सुरेश को जेल भी जाना पड़ा था। बाद में उसे जमानत भी मिल गई थी। सुरेश का उसी दौरान से इलाज चल रहा था। वीरवार को हालत बिगड़ने पर सुरेश को नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां पर उसकी की मौत हो गई।
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25 लोगों के दिए नाम, पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
मृतक के बेटे रवि ने अपने बयान में डाॅ. सुभाष, रोशन समेत 25 लोगाें पर हत्या और साजिश में शामिल होने के आरोप लगाकर बयान दर्ज करवाए। परिजनों ने सदर थाना नरवाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि खजाना सिंह की मौत के मामले में बहुत यातनाएं सही हैं। पुलिस दूसरे पक्ष के साथ मिली हुई थी। यहां तक कि पुलिस हिरासत में भी सुरेश के इलाज का खर्च उन्हें वहन करना पड़ा था। उन्हें बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया। अब सुरेश की मौत हो चुकी है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में आनाकानी कर रही है। पुलिस की कार्यशैली की भी गहनता से जांच होनी चाहिए।

मामले की जांच किसी भी एजेंसी से करवाई जा सकती है। पोस्टमार्टम होने पर ही मौत के कारण की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। परिजन पोस्टमार्टम कराएं। मामले की जांच गहनता से की जाएगी। परिजनों से बातचीत जारी है।
-अमित भाटिया, डीएसपी नरवाना।

28जेएनडी31: मृतक के परिजनों से बातचीत करते नरवाना के डीएसपी अमित भाटिया। संवाद

28जेएनडी31: मृतक के परिजनों से बातचीत करते नरवाना के डीएसपी अमित भाटिया। संवाद

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