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पांडू पिंडारा तीर्थ में मरी मछलियां
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2015 12:07 AM IST
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सोमवती अमावस्या पर पांडू पिंडारा तीर्थ पर पिंडदान करने आए श्रद्धालुओं द्वारा तीर्थ में डाले गए आटे और अन्य सामग्री से तीर्थ में मौजूद लाखों की संख्या में मछलियां मर गई। मछलियां मरने के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीर्थ में मछलियां मरने के कारण तीर्थ का पानी भी दूषित हो रहा है।
गौरतलब है कि गत 12 अक्तूबर को सोमवती अमावस्या पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पितर तृप्ति के लिए पांडू-पिंडारा गांव में स्थित ऐतिहासिक तीर्थ में स्नान करने के लिए पहुंचे थे। श्रद्धालुओं द्वारा पानी में पिंडों के रूप में आटा व अन्य सामग्री डाला गया था। इससे तीर्थ का पानी दूषित हो गया और इसके कारण मछलियां मरने लगी। पिछले दो-तीन दिन में यहां लाखों की संख्या में मछलियां मर कर तीर्थ के किनारे पर जमा हो गई हैं। श्री सोमतीर्थ राज सेवा युवा मंडल के अध्यक्ष भरत सिंह गिल, सचिव गोबिंद शर्मा व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि तालाब में मछलियां मरने के कारण गांव में बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि तीर्थ में साफ पानी डालने के लिए चैनल का निर्माण करा दिया गया लेकिन गंदे पानी की निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया है। इसके चलते तीर्थ का पानी सड़ता रहता है। इससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। उन्होंने तीर्थ के गंदे पानी को शीघ्र निकालने व तालाब में स्वच्छ पानी भरने की मांग की है।
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