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सोमवार को खुले पहली और दूसरी कक्षा के स्कूल, विद्यार्थियों की कम रही संख्या
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विद्यार्थियों के हाथ सैनिटाइज करवाती शिक्षिका। संवाद
- फोटो : Jind
पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक मार्च से स्कूल खोल दिए गए हैं। स्कूल पहुंचने पर विद्यार्थियों के हाथ सैनिटाइज करवाने के साथ थर्मल स्क्रीनिंग की गई। अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। जो विद्यार्थी बिना मास्क के पहुंचे थे, उन्हें विद्यालय प्रबंधन की ओर से मास्क उपलब्ध करवाए गए।
जींद ब्लॉक में राजकीय स्कूलों में प्रथम कक्षा में कुल 1763 बच्चों में से केवल 568 ही पहुंचे, जबकि दूसरी कक्षा के 1786 बच्चों में से 729 बच्चे स्कूल आए। अभी भी अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि कम दिखा रहे हैं। सोमवार को पहले दिन पहली और दूसरी कक्षा के केवल 36.54 प्रतिशत और निजी स्कूलों में 50 प्रतिशत विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सुबह दस से लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक तीन घंटे विद्यार्थियों की कक्षाएं लगीं। बीच में आधे घंटे का लंच ब्रेक दिया गया। विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं शुरू करने के लिए सभी राजकीय प्राइमरी स्कूलों तथा निजी स्कूलों में पहले ही तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। स्कूल में सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। वहीं छोटे बच्चों को लेकर स्कूल प्रबंधन को पहले से ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। क्योंकि छोटे बच्चे न तो खुद अपने हाथ सैनिटाइज करते हैं और न ही पूरा दिन मास्क पहनने में रुचि दिखाते हैं।
ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी
सोमवार को स्कूलों में प्रवेश के दौरान बच्चों की थर्मल संक्रीनिंग की गई। जो विद्यार्थी पढ़ाई के लिए स्कूल में नहीं आना चाहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प खुला रहेगा। वहीं अभिभावकों का कहना है कि एक साल तक बच्चे घर पर थे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अभी बच्चों को स्कूल भेजने में डर लग रहा है।
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कोविड-19 के नियमों का करना होगा पालन
सोमवार से पहली और दूसरी कक्षा के स्कूल खोल दिए गए हैं। सभी स्कूल प्रबंधकों को कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों की केवल तीन घंटे ही पढ़ाई होगी। ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी। विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों का अनुमति पत्र स्कूल में जमा करवाना होगा। -सुशील जैन, खंड शिक्षा अधिकारी जींद।
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जींद ब्लॉक में राजकीय स्कूलों में प्रथम कक्षा में कुल 1763 बच्चों में से केवल 568 ही पहुंचे, जबकि दूसरी कक्षा के 1786 बच्चों में से 729 बच्चे स्कूल आए। अभी भी अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि कम दिखा रहे हैं। सोमवार को पहले दिन पहली और दूसरी कक्षा के केवल 36.54 प्रतिशत और निजी स्कूलों में 50 प्रतिशत विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सुबह दस से लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक तीन घंटे विद्यार्थियों की कक्षाएं लगीं। बीच में आधे घंटे का लंच ब्रेक दिया गया। विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं शुरू करने के लिए सभी राजकीय प्राइमरी स्कूलों तथा निजी स्कूलों में पहले ही तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। स्कूल में सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। वहीं छोटे बच्चों को लेकर स्कूल प्रबंधन को पहले से ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। क्योंकि छोटे बच्चे न तो खुद अपने हाथ सैनिटाइज करते हैं और न ही पूरा दिन मास्क पहनने में रुचि दिखाते हैं।
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ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी
सोमवार को स्कूलों में प्रवेश के दौरान बच्चों की थर्मल संक्रीनिंग की गई। जो विद्यार्थी पढ़ाई के लिए स्कूल में नहीं आना चाहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प खुला रहेगा। वहीं अभिभावकों का कहना है कि एक साल तक बच्चे घर पर थे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अभी बच्चों को स्कूल भेजने में डर लग रहा है।
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कोविड-19 के नियमों का करना होगा पालन
सोमवार से पहली और दूसरी कक्षा के स्कूल खोल दिए गए हैं। सभी स्कूल प्रबंधकों को कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों की केवल तीन घंटे ही पढ़ाई होगी। ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी। विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों का अनुमति पत्र स्कूल में जमा करवाना होगा। -सुशील जैन, खंड शिक्षा अधिकारी जींद।

विद्यार्थियों के तापमान की जांच करती शिक्षिका । संवाद - फोटो : Jind