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Jind News: 10 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप, जींद राजपरिवार की रानी और नगर परिषद सचिव समेत पांच पर एफआईआर
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जींद। शहर में करीब 10 एकड़ जमीन के भू-अभिलेख रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी कर कब्जे की कोशिश करने के आरोप में पुलिस ने जींद राजपरिवार की रानी इंद्रजीत कौर, उनकी पुत्रवधू हरसिमरन कौर, नगर परिषद सचिव सुमित दहिया, पटवारी नरेश और रामराय निवासी सुभाष ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रामबीर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता अभिमन्यु चौधरी ने शिकायत में बताया कि उनके दादा बलदेव सिंह ने वर्ष 1965 में 50 कनाल 2 मरला जमीन खरीदी थी। अब यह संपत्ति परिवार की तीसरी पीढ़ी के नाम है। वर्तमान में इस संपत्ति में अभिमन्यु चौधरी, उनकी मां सुधा चौधरी और बड़े भाई अभिजीत सिंह हिस्सेदार हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड में वास्तविक खसरा नंबर 65/58 के स्थान पर 65/13 दर्ज कर दिया गया। साथ ही, 50 कनाल 2 मरला के मूल रकबे को घटाकर 18 कनाल 15 मरला दर्ज कर दिया गया और जमीन की लोकेशन भी बदल दी गई। दूसरे खसरा नंबर 64/26/3/2 का रकबा 79 कनाल 19 मरला से बढ़ाकर 115 कनाल 13 मरला दर्ज किया गया।
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फर्जी दस्तावेज से रजिस्ट्री कराने के प्रयास का आरोप
अभिमन्यु चौधरी के अनुसार, अपोलो रोड पर स्थित करीब दस एकड़ जमीन पर उनके परिवार का कब्जा है। आरोप है कि रानी इंद्रजीत कौर, उनकी पुत्रवधू हरसिमरन कौर और अन्य लोगों ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। आरोप लगाया कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री कराने के दो प्रयास किए गए लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
रानी ने आरोपों को बताया गलत
रानी इंद्रजीत कौर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जमीन उनके परिवार की है और दस्तावेज में हेराफेरी कर संपत्ति हड़पने के आरोप गलत हैं। दोनों संपत्तियां एक-दूसरे के साथ लगती है। खसरा नंबर 65 शिकायतकर्ता का है, जबकि खसरा नंबर 64 उनके परिवार का है। खसरा नंबर 64 की प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए आवेदन किया गया था लेकिन सैटेलाइट तस्वीर से लोकेशन लेते समय तकनीकी गलती के कारण साथ लगते खसरा नंबर 65 की लोकेशन दर्ज हो गई। उन्होंने दावा किया कि बाद में डीसी ने संबंधित आईडी को दोबारा एनए कर दिया था।
1763 में हुई थी जींद रियासत की स्थापना
जींद रियासत की स्थापना वर्ष 1763 में महाराजा गजपत सिंह सिद्धू ने की थी। वे सिख इतिहास की फूलकियां मिसल से संबंधित थे। रियासत का इतिहास पंजाब और हरियाणा के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। वर्तमान में रानी इंद्रजीत कौर जींद के राजपरिवार से संबंधित हैं।
वर्जन
इस मामले में पुलिस ने रानी इंद्रजीत कौर, उनकी पुत्रवधू हरसिमरन कौर, नगर परिषद सचिव सुमित दहिया, पटवारी नरेश और रामराय निवासी सुभाष ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है। -रवींद्र कुमार, प्रभारी, शहर पुलिस थाना जींद
रामबीर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता अभिमन्यु चौधरी ने शिकायत में बताया कि उनके दादा बलदेव सिंह ने वर्ष 1965 में 50 कनाल 2 मरला जमीन खरीदी थी। अब यह संपत्ति परिवार की तीसरी पीढ़ी के नाम है। वर्तमान में इस संपत्ति में अभिमन्यु चौधरी, उनकी मां सुधा चौधरी और बड़े भाई अभिजीत सिंह हिस्सेदार हैं।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड में वास्तविक खसरा नंबर 65/58 के स्थान पर 65/13 दर्ज कर दिया गया। साथ ही, 50 कनाल 2 मरला के मूल रकबे को घटाकर 18 कनाल 15 मरला दर्ज कर दिया गया और जमीन की लोकेशन भी बदल दी गई। दूसरे खसरा नंबर 64/26/3/2 का रकबा 79 कनाल 19 मरला से बढ़ाकर 115 कनाल 13 मरला दर्ज किया गया।
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फर्जी दस्तावेज से रजिस्ट्री कराने के प्रयास का आरोप
अभिमन्यु चौधरी के अनुसार, अपोलो रोड पर स्थित करीब दस एकड़ जमीन पर उनके परिवार का कब्जा है। आरोप है कि रानी इंद्रजीत कौर, उनकी पुत्रवधू हरसिमरन कौर और अन्य लोगों ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। आरोप लगाया कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री कराने के दो प्रयास किए गए लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
रानी ने आरोपों को बताया गलत
रानी इंद्रजीत कौर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जमीन उनके परिवार की है और दस्तावेज में हेराफेरी कर संपत्ति हड़पने के आरोप गलत हैं। दोनों संपत्तियां एक-दूसरे के साथ लगती है। खसरा नंबर 65 शिकायतकर्ता का है, जबकि खसरा नंबर 64 उनके परिवार का है। खसरा नंबर 64 की प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए आवेदन किया गया था लेकिन सैटेलाइट तस्वीर से लोकेशन लेते समय तकनीकी गलती के कारण साथ लगते खसरा नंबर 65 की लोकेशन दर्ज हो गई। उन्होंने दावा किया कि बाद में डीसी ने संबंधित आईडी को दोबारा एनए कर दिया था।
1763 में हुई थी जींद रियासत की स्थापना
जींद रियासत की स्थापना वर्ष 1763 में महाराजा गजपत सिंह सिद्धू ने की थी। वे सिख इतिहास की फूलकियां मिसल से संबंधित थे। रियासत का इतिहास पंजाब और हरियाणा के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। वर्तमान में रानी इंद्रजीत कौर जींद के राजपरिवार से संबंधित हैं।
वर्जन
इस मामले में पुलिस ने रानी इंद्रजीत कौर, उनकी पुत्रवधू हरसिमरन कौर, नगर परिषद सचिव सुमित दहिया, पटवारी नरेश और रामराय निवासी सुभाष ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है। -रवींद्र कुमार, प्रभारी, शहर पुलिस थाना जींद